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भारत में रेल सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए एक नई पहल के तहत, पूर्वोत्तर रेलवे की 136 ट्रेनों में स्वदेशी ‘कवच’ प्रणाली लगाने के लिए 123.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस योजना की घोषणा करते हुए बताया कि यह कदम रेल दुर्घटनाओं को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
इस परियोजना का हिस्सा बनने वाले ट्रेनों में कवच के इंस्टालेशन का कार्य 2024-25 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कवच प्रणाली एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली है, जिसे भारतीय रेलवे ने स्वदेशी रूप से विकसित किया है। इसका उद्देश्य ट्रेन की गति, स्टेशन के पास या अन्य दुर्घटनाओं के दौरान संभावित टकराव को रोका जा सके।
पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार, इस कार्य के तहत कुल 969 करोड़ रुपये की लागत से एक सब-अम्ब्रेला वर्क को मंजूरी दी गई है। इसमें से 123.95 करोड़ रुपये सिर्फ ‘कवच’ प्रणाली के इंस्टालेशन के लिए आवंटित किए गए हैं। इस कार्य के तहत 1,441 रूट किलोमीटर पर कवच सिस्टम स्थापित किया जाएगा, जो सुरक्षा को बढ़ाएगा।
पहले चरण में, कवच का कार्य पूर्वोत्तर रेलवे के 558 रूट किलोमीटर पर शुरू किया जाएगा, जिसमें लखनऊ मंडल और वाराणसी मंडल के प्रमुख मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों पर टॉवर कार्य और कवच उपकरण स्थापित करने के लिए दो निविदाएं जारी की गई हैं, और इंस्टालेशन का काम तेजी से प्रगति पर है।
रेल मंत्रालय ने पहले ही 492.21 करोड़ रुपये की राशि से यह कार्य स्वीकृत किया था, और अब इस योजना के तहत कवच के इंस्टालेशन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। यह कदम भारतीय रेलवे को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।