By, Shrikant Pratyush
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वैज्ञानिकों ने किया कमाल, अब हरे रंग की जगह ‘लाल’ हुई भिंडी

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वैज्ञानिकों के अनुसार यह भिंडी एंटी ऑक्सीडेंट, आयरन और कैल्शिय सहित तमाम पोषक तत्वों से भरपूर है. इसकी कई किस्मों को वैज्ञानिकों ने विकसित किया है. काशी लालिमा भिंडी की अलग-अलग किस्मों की कीमत 100 से 500 रुएए किलो तक है.

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वैज्ञानिकों ने किया कमाल, अब हरे रंग की जगह ‘लाल’ हुई भिंडी

सिटी पोस्ट लाइव : अबतक तो अपने हरी भिन्डी ही देखि होगी. लेकिन अब आप लाल भिंडी का स्वाद भी चख पायेगें. 23 साल की कड़ी मेहनत के बाद वैज्ञानिकों को ‘लाल’ हुई भिंडी पैदा करने में सफलता मिली है. वैज्ञानिकों ने भिंडी की एक नई किस्म विकसित करने में सफलता पाई है जिसका रंग हरा नहीं बल्कि लाल होगा.भारतीय कृषि वैज्ञानिकों की यह एक बड़ी  सफलता मानी जा रही है. करीब 23 साल की कड़ी मेहनत के बाद भिंडी की नई प्रजाति विकसित करने में सफलता मिली है.यह कमाल भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (Indian Institute Of Vegetable Research- IIVR) के वैज्ञानिकों ने किया है. इसका नाम ‘काशी लालिमा’ (Kashi Lalima) रखा गया है.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के वाराणसी (Varanasi) में स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR) की यह सफलता काफी खास है. वैज्ञानिकों के अनुसार यह भिंडी एंटी ऑक्सीडेंट, आयरन और कैल्शिय सहित तमाम पोषक तत्वों से भरपूर है. इसकी कई किस्मों को वैज्ञानिकों ने विकसित किया है. आम भिंडी के मुकाबले इसकी कीमत ज्यादा है. काशी लालिमा भिंडी की अलग-अलग किस्मों की कीमत 100 से 500 रुएए किलो तक है.

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भारत में हरी भिंडी ही प्रचलन में है. लाल रंग की भिंडी पश्चिमी देशों में मिलती है और भारत भी वहीं से अपने उपयोग के लिेए मंगाता है. लेकिन, देश में इसकी किस्म विकसित हो जाने के बाद इसे आयात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. अब भारतीय किसान भी इसका उत्पादन कर सकेंगे.1995-96 में ही इसके लिए काम शुरू हो गया था. लेकिन अब जाकर सफलता मिली है. संस्थान से काशी लालिमा भिंडी का बीज आम लोगों के लिए दिसंबर से मिलने लगेगा.

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