By, Shrikant Pratyush
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पटना की सुधर गई है आबो-हवा, प्रदूषण में भारी गिरावट

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कभी कभी बड़े बड़े संकट किसी बड़े संकट के निदान के रास्ते भी निकल जाते हैं. कोरोना के संक्रमण के खतरे से देश जूझ रहा है लेकिन लॉक डाउन की वजह से पुरे देश के शहरों की आबो-हवा सुधर गई है. विश्वव्यापी महामारी कोरोना (Corona) से लड़ने के लिए शुरू हुए लॉकडाउन (Lockdown) से राजधानी पटना (Patna) ही नहीं बल्कि समूचे प्रदेश की हवा साफ हो गई है.

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पटना की सुधर गई है आबो-हवा, प्रदूषण में भारी गिरावट

सिटी पोस्ट लाइव : कभी कभी बड़े बड़े संकट किसी बड़े संकट के निदान के रास्ते भी निकल जाते हैं. कोरोना के संक्रमण के खतरे से देश जूझ रहा है लेकिन लॉक डाउन की वजह से पुरे देश के शहरों की आबो-हवा सुधर गई है. विश्वव्यापी महामारी कोरोना (Corona) से लड़ने के लिए शुरू हुए लॉकडाउन (Lockdown) से राजधानी पटना (Patna) ही नहीं बल्कि समूचे प्रदेश की हवा साफ हो गई है. एक आंकड़े के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में पटना और बिहार के दूसरे शहरों में प्रदूषण (Pollution) बहुत कम हुआ है. 22 मार्च से शुरू हुए जनता कर्फ्यू और फिर अब लॉकडाउन के बाद हवा से जहर कही गायब ही हो गया है. ये कोई चमत्कार नहीं बल्कि ये हमारी-आपकी और सरकार की कोशिशों का ही नतीजा है.

लॉकडाउन की वजह से जो पूरे बिहार और सम्पूर्ण देश भर में चक्का जाम हुआ है इसका सीधा फायदा प्रदूषण पर पड़ा है. पटना में गुरुवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स यानि AQI 100 माइक्रोग्राम के आसपास है जबकि PM 2.5 की मात्रा 93.72 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है कुछ इसी तरह की स्थिति बिहार के दूसरे शहरों की भी है.प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन एके घोष बताते हैं कि प्रदूषण में इस तरह का बदलाव हमारे सेहत के लिए जितना फायदेमंद है उससे कही ज्यादा ये कोरोना से लड़ने में हमें सहायक भी है. एके घोष का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से जो पटना और समूचे देश भर की गाड़ियां रूकी हैं उसी का नतीजा है कि हवा से जहर अब धीरे-धीरे दूर होने लगा है. सरकारी आंकड़े के मुताबिक 22 मार्च के दौरान पटना शहर में तारामंडल के पास हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 93.72 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर और दूसरे तीन अन्य सेंटरों राजवंशी नगर, मुरादपुर और समनपुरा में 50 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रही.

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पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन एके घोष बताते हैं कि लॉकडाउन से पहले और आज में बहुत बड़ा फर्क आया है. प्रदूषण का स्तर आज morderate और good में पहुंच गया है आज पटना का AQI 100 के आसपास है जबकि लाकडाउन से पहले 180 से 200 के बीच था जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक था. पटना की ही तरह गया का भी प्रदूषण बहुत कम हो गया है गया में आज AQI 76 है जो बहुत अच्छा माना जाता है. मुजफ्फरपुर में अब भी कोई खास असर नहीं हुआ है लेकिन पटना के लोगों के लिए प्रदूषण का यह आंकड़ा वाकई बहुत सुकुन देने वाला है.

आंकड़ों के जरिये प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी बताते हैं कि आज सुबह 11 बजे तक बिहार के तीन शहरों के प्रदूषण का हाल कुछ इस प्रकार है पटना में आज AQI-93 से 116 ,….लॉकडाउन से पहले-180 से 200 MORDERATE गया-AQI-76(GOOD) पहले 224 ( POOR) मुजफ्फरपुर-222 (POOR) पहले 218 (POOR). अकेले मुजफ्फरपुर को छोड़कर पटना और गया के हवा में प्रदूषण की मात्रा में बहुत कमी आई है और ये सब लॉकडाउन के चलते ही संभव हुआ है.

जानकार बताते हैं कि जब पॉल्युशन कंट्रोल रहेगा तो लोग स्वस्थ भी रहेंगे. उनके शरीर के भीतर रोग निरोधी क्षमता भी बढ़ेगी और सबसे बड़ी बात की हमारा फेफड़ा सुरक्षित रहेगा. कोरोना का हमला भी सीधे फेफड़े पर ही होता है ऐसे में प्रदूषण में आई इस कमी से हमें कोरोना से लड़ने की और ज्यादा ताकत मिलेगी. शायद यह पहला मौका है जब लॉकडाउन की वजह से पटना का AQI इतने कंट्रोल में है, नहीं तो पटना की गिनती उन शहरों में होती है जहां सबसे ज्यादा प्रदूषण है.

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