By, Shrikant Pratyush
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गया-बोधगया की बदल जायेगी तस्वीर, फाल्गु नदी में बहेगी गंगा

सीता के शाप से फाल्गू नदी को शाप मुक्त कराने की योजना पर बिहार सरकार ने शुरू किया काम.

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गया-बोधगया की बदल जायेगी तस्वीर, फाल्गु नदी में बहेगी गंगा

सिटी पोस्ट लाइव : विश्व भर में बौद्धों और हिन्दुओं दोनों के तीर्थ स्थल के रूप में मशहूर गया और बोध गया की तस्वीर अब बदलने वाली है. गया और बोध गया भगवन बुद्ध और विष्णु भागवान की धरती तो है ही साथ ही यहाँ एक पौराणिक नदी भी बहती है. इस नदी का संबंध माता सीता से जुड़ा हुआ है. इस नदी का नाम फल्गू है.नीतीश सरकार (Nitish Kumar) ने गंगा के पानी को गया के फल्गु नदी (Falgu River) में लाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है. इस योजना से गया (Gaya) के लोग काफी उत्साहित हैं और उन्हें इस नदी को लेकर सीता (Sita) के शाप के खत्म होने की उम्मीद जगने लगी है.

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक गयाजी में बहने वाली फल्गु नदी को सीता का शाप लगा हुआ है जिसकी वजह से वह अन्तःसलिला बहती है.लेकिन  पिछले कई साल से यह नदी अन्त-सलिला भी नहीं रह गयी है. गर्मी के दिनों में 20 से 30 फीट तक खुदाई करने पर भी पानी नहीं मिल पा रहा है.शहर का भू-गर्भ जलस्तर काफी कम हो रहा है और पिंडदान के लिए गयाजी में आने वाले तीर्थयात्रियों को तर्पण के लिए पवित्र फल्गु का जल नहीं मिल पा रहा है. हाल ही में बिहार की नीतीश कैबिनेट ने बरसात के दिनों गंगा में आने वाली अतिरिक्त पानी को संग्रह कर राजगीर और गया तक लाने को योजना को मंजूरी दी गयी है जिसमें गया की फल्गु नदी में गर्मी के दिनों मे भी पानी रखने का इंतजाम किया जायेगा.

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नीतीश सरकार के इस फैसले से गया के निवासी काफी खुश हैं. फल्गु एक धार्मिक नदी है जिसका महत्ता समूचे विश्व में है. सनातन धर्म को मानने वाले कम से कम एक बाग गयाजी आकर अपने पितरों के लिए पिंडदान और तर्पण जरूर करना चाहतें हैं.पितरों के लिए तर्पण फल्गु के ही पानी से होता है. जब साल के अधिकांश दिन फल्गु सूखी रहती है तो तीर्थयात्रियों को काफी निराशा होती है. पूर्व सीएम जीनतनराम मांझी ने अपने कार्यकाल में बीथोशरीफ में बीयर बांध बनाकर पानी को स्टोरेज करने की योजना पर काम शुरू की थी पर उनके सीएम पद से हटते ही इस योजना पर ग्रहण लग गया था. हाल में में नीतीश सरकार द्वारा गंगा का पानी को य़हां लाकर स्टोरेज करने की योजना पर काम शुरू करायी गयी है जो काफी प्रशंसनीय है.

इस योजना के पूरा होने पर तीर्थयात्रियों को सालों भर फल्गु का पानी तर्पण के लिए मिल सकेगा. शहर एवं आसपास के भू-गर्भ का जलस्तर भी बेहतर हो सकेगा. स्थानीय पंडा महेश लाल ने कहा कि फल्गु में बीयर बांध या सोन नदी से पानी लाने की मांग काफी दिनों से यहां के लोगों द्वारा की जा ही थी.अब  नीतीश सरकार ने गंगा के पानी को यहां लाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है.गंगा के पानी के फल्गू नदी में आ जाने से इस धार्मिक नगरी की महत्ता और भी ज्यादा बढ़ जायेगी.

गया के डीएम अभिषेक सिंह ने कहा कि फल्गु में पानी और उसकी स्वच्छता के लिए कई स्तर पर काम हो रहा है. स्थानीय जेडीयू सांसद विजय मांझी ने कहा कि गया-बोधगया के विकास को लेकर सीएम नीतीश कुमार काफी गंभीर है.उन्होंने फल्गु में पानी लाने के साथ ही य़हां पर्यटन को बढावा देने के लिए रोपवे एवं अन्य योजनाओं पर काम शुरू करवा रहें हैं.

गौरतलब है कि फल्गु नदी झारखंड के पलामू से निकलती है और यह बिहार के गया, जहानाबाद होते हुए गया में मिल जाती है. पानी की कमी की वजह से जहानाबाद के बाद इसका स्रोत लगभग खत्म हो गया है. इस नदी पर घोड़ाघाट समेत कई बांध बनाये गयें हैं. इसे निरंजना नदी के नाम से भी जाना जाता है और वायु पुराण में इसकी चर्चा मिलती है.

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