By, Shrikant Pratyush
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हड़ताल पर बिहार के जूनियर डॉक्टर्स, चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था

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बिहार के जूनियर डॉक्टरों की इस हड़ताल में सभी 9 मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर शामिल हैं. इस हड़ताल से इमरजेंसी, OPD, ICU पर व्यापक असर पड़ रहा है. जूनियर डॉक्टरों की मांग है कि उनका स्टाइपेंड बढ़ाया जाए इसके साथ ही उनकी 8 और मांगे हैं.

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हड़ताल पर बिहार के जूनियर डॉक्टर्स, चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था

सिटी पोस्ट लाइव :  बिहार में एकबार फिर से जूनियर डॉक्टर (Junior Doctor) हड़ताल (Strike) पर चले गए हैं. जूनियर डॉक्टर की हड़ताल की वजह से मरीजों की जान सांसत में है. हड़ताल का असर पटना के पीएमसीएच (PMCH) समेत अन्य अस्पतालों में सुबह से ही दिखने लगा है. इमरजेंसी वार्ड (Emergency Ward) में मरीजों की सुध लेनेवाला कोई नहीं है. मरीज के परिजनों के अनुसार वार्ड में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं हैं. मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है. वो दर्द से तड़प रहे हैं और उनकी पीड़ा दे उनके परिजन बेचैन हैं. भगवान भरोसे मरीजों का इलाज चल रहा है.

जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल का असर इमरजेंसी के साथ ओपीडी में भी दिख रहा है. ओपीडी में सुबह से ही रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों की लंबी कतार लगी है. हर कोई डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहा है. आलम ये है कि ओपीडी में मरीज देखने का वक्त साढ़े 8 बजे से ही लेकिन साढ़े 9 बजे के बाद भी ओपीडी के स्किन विभाग का ताला नहीं खोला गया है. दूर-दूर से आये मरीजों को हड़ताल की जानकारी तक नहीं थी जिसकी वजह से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

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गौरतलब है कि बिहार के जूनियर डॉक्टरों की इस हड़ताल में सभी 9 मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर शामिल हैं. इस हड़ताल से इमरजेंसी, OPD, ICU पर व्यापक असर पड़ रहा है. जूनियर डॉक्टरों की मांग है कि उनका स्टाइपेंड बढ़ाया जाए इसके साथ ही उनकी 8 और मांगे हैं.अब देखना ये है कि इस हड़ताल की बलि कितने मरीज चढ़ते हैं.

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