By, Shrikant Pratyush
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चिकित्सक का रूप संत के समान होना चाहिए : डॉ.यू.के. सिन्हा

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रविवार को डेहरी-ऑन-सोन, पाली रोड़ स्थित संवेदना न्यूरोसायकियेट्रिक प्राइवेट लिमिटेड की रजत जयंती समारोह व उषा श्याम फाउंडेशन का स्थापना दिवस बड़े धूम धाम से शहर के प्रसिद्ध होटल में मनाया गया.

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सिटी पोस्ट लाइव : रविवार को डेहरी-ऑन-सोन, पाली रोड़ स्थित संवेदना न्यूरोसायकियेट्रिक प्राइवेट लिमिटेड की रजत जयंती समारोह व उषा श्याम फाउंडेशन का स्थापना दिवस बड़े धूम धाम से शहर के प्रसिद्ध होटल में मनाया गया. सर्वप्रथम कार्यक्रम का विधिवत उद्धघाटन मशहूर वयोवृद्ध चिकित्सक सुनील बोस , डॉ रागनी सिन्हा, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी चंदन वर्मा ,डॉ उदय कुमार सिन्हा एवं संस्था की निदेशक डॉ.मालनी राय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. रजत जयंती सह स्थापना दिवस समारोह में जिले के चिकित्सकों के अलावे यहां के गणमान्य लोग पहुंचे.

जिनमें वयोवृद्ध चिकित्सक सुनील बोस , डॉ. रागनी सिन्हा, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी (डेहरी व्यवहार न्यायालय) श्री.चंदन वर्मा , डेहरी विधायक फते बहादुर सिंह ,पूर्व विधायक डेहरी सत्यनारायण यादव, डेहरी अनुमंडल विधिज्ञ संघ के पूर्व महासचिव मिथिलेश कुमार सिन्हा, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. गिरीश मिश्रा,डॉ. संजय सिंह ,डॉ. जे.एस,कश्यप , डॉ.सत्येंद्र शंकर,डॉ. बी.पी. साहनी, डॉ मालती पांडेय ,डॉ. आर.के.शर्मा, डॉ.जय प्रकाश सिंह,डॉ.नवीन नटराज,व्यवसायीअरुण गुप्ता,अजय सिंह, सचिता नन्द प्रसाद, बैजनाथ गुप्ता, आलोक सिन्हा, मोहिनी गैस एजेंसी के प्रोपराइटर उदय शंकर,पार्षद काली बाबू, पूर्व पार्षद विभा सिन्हा, अधिवक्ता मुनमुन पांडेय, कमल सिन्हा,एवं शिक्षक मनीष सिन्हा के अलावे अन्य चिकित्सक एवं गणमान्य लोग उपस्थित हुए.

न्यूरोलॉजीस्ट डॉ. उदय कुमार सिन्हा ने सिटी पोस्ट लाइव को बताया कि चिकित्सक का रूप संत के समान होना चाहिए जिससे मरीजों को बिना किसी भेदभाव के बेहतर सेवा दे सके. संत अपने लिए नहीं औरों के लिए जीता है. इसी भावना के साथ हर चिकित्सक को चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी परचम लहराना चाहिए. मैं सब की सोचता हूँ इसलिए ईश्वर मेरी सोचते है,यह भावना हर किसी में आनी चाहिए.उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना के दूसरी लहर के दौरान जब मध्य और दक्षिण बिहार के ज्यादातर लोग अपने घरों में बन्द रहे और अधिकतम अस्पतालों में ताले लटक रहे थे. तब उस समय में भी लगातार तीन महीने तक अपने सहयोगियों, परिवार के लोगों और सहकर्मियों के बदौलत हमारे रिसर्च सेंटर में मानसिक परेशानियों से जूझ रहे मरीजों का हम सभी इलाज करते रहे. साथ ही उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील किया कि स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ शहर का विकास कैसे हो इस पर हम सबों को गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए एक टीम बनाकर काम करना चाहिए.

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संस्थान की निदेशक डॉ.मालिनी राय ने भी हमारे संवाददाता को संवेदना न्यूरोसायकियेट्रिक प्राइवेट लिमिटेड कि 25 वर्ष के सफर के बारे में बताते हुए कहा कि शुरुवाती समय में तीन कमरों के सहारे शहर में स्वास्थ्य सेवा की बेहतरी के लिए इस अस्पताल की यात्रा शुरू की गई थी जो आज सभी के सहयोग से बड़ा सा वट वृक्ष का रूप धारण कर चुका है.उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष सितंबर 2020 से अगस्त 2021 की अवधि में बिहार, झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों से तकरीबन 34968 लोगों को मानसिक रोग से संबंधित परामर्श हमारे संस्था द्वारा दिया गया.जिसमें 17144 महिलाएं और 17824 पुरुष शामिल हैं. उन मरीजों में 20 साल से कम उम्र के 8150 मरीज,21 से 40 साल के उम्र के 17473 मरीज,41 से 60 साल के उम्र वर्ग के 7093 मरीज और 60 साल से ज्यादा उम्र वर्ग के 2252 मरीज डेहरी के इस प्रतिष्ठित हॉस्पिटल में परामर्श लेने के लिए पहुंचे थे.जिन्हें चिकित्सीय परामर्श लाभ पहुँचा. जो हम सबों के लिए गौरव की बात है. 25 वी वर्षगाठ समारोह व स्थापना दिवस को सफल बनाने में संस्था के वरिष्ठ सदस्य सुरेंद्र कुमार सिन्हा, संवेदना न्यूरोसायकियेट्रिक प्राइवेट लिमिटेड परिवार के संस्थापक सदस्य रूपेश राय,महेंद्र कुमार सिंह,अशरफ अंसारी उर्फ सिकंदर,उमेश ओझा,तैयब अंसारी,सरमोद कुमार, पीयूष राज,रवि शंकर,अंजू कुमारी,सुरमीत कुमार एवं, शत्रुधन कुमार आदि ने अपना विशेष योगदान दिया.

रोहतास से विकाश चन्दन की रिपोर्ट

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