By, Shrikant Pratyush
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रिपोर्ट : फ़्रूट जूस और फ़िज़्ज़ी पोप जैसे मीठे पेय से आपको हो सकता है कैंसर?

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फ़्रूट जूस और फ़िज़्ज़ी पोप जैसे मीठे पेय पदार्थों से कैंसर का ख़तरा बढ़ सकता है. पांच फ़ीसदी से अधिक चीनी जिस पेय पदार्थ में होती है उसे मीठा पेय पदार्थ या शूगरी ड्रिंक्स कहा जाता है.

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रिपोर्ट : फ़्रूट जूस और फ़िज़्ज़ी पोप जैसे मीठे पेय से आपको हो सकता है कैंसर?

सिटी पोस्ट लाइव : फ़्रूट जूस और फ़िज़्ज़ी पोप जैसे मीठे पेय पदार्थों से कैंसर का ख़तरा बढ़ सकता है. पांच फ़ीसदी से अधिक चीनी जिस पेय पदार्थ में होती है उसे मीठा पेय पदार्थ या शूगरी ड्रिंक्स कहा जाता है. इसमें फ़्रूट जूस (बिना चीनी की मिलावट वाले भी), सॉफ़्ट ड्रिंक्स, मीठा मिल्कशेक, एनर्जी ड्रिंक्स, चीनी वाली चाय या कॉफ़ी भी शामिल हैं. ये दावा किया है फ्रांस के वैज्ञानिकों ने. ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार यह शोध एक लाख लोगों पर पांच सालों तक किया गया है.

इस शोध के दौरान 2,193 नए कैंसर के मरीज़ पाए गए जिनमें 693 स्तन कैंसर, 291 प्रोस्टेट ग्रंथि का कैंसर और 166 कोलोरेक्टल कैंसर के मामले शामिल थे. शोध में पाया गया है कि सप्ताह में दो केन 100 मिलीलीटर पेय पदार्थ से अधिक लेने पर कैंसर पैदा होने की आशंका 18 फ़ीसदी तक बढ़ जाती है.इस शोध में शामिल हर हज़ार व्यक्तियों के समूह में 22 कैंसर से पीड़ित थे.शोधकर्ताओं के अनुसार, अगर 100 मिलीलीटर प्रतिदिन ये लोग अधिक मीठे पेय पदार्थ पीते तो इनमें चार और कैंसर के मरीज़ जुड़ेंगे जो पांच साल में हज़ार लोगों में यह संख्या 26 हो जाएगी.

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इस शोध को जिस तरह से डिज़ाइन किया गया है उसमें केवल डाटा के नमूनों को देखा गया है लेकिन उन्हें विस्तार से समझाया नहीं गया है. यह शोध तो यह दिखाता है कि जो लोग सबसे अधिक (185 मिलीलीटर प्रतिदिन) मीठे पेय पदार्थ पीते हैं उनमें उनके मुक़ाबले कैंसर पैदा होने की आशंका अधिक रहती है जो कम (30 मिलीलीटर प्रतिदिन से कम) मीठे पेय पदार्थ पीते हैं. इससे एक संभव व्याख्या यह होती है कि शूगरी ड्रिंक्स से कैंसर का ख़तरा बढ़ जाता है. लेकिन इसके साथ ही साथ जो लोग अधिक शूगरी ड्रिंक्स लेते हैं उनमें दूसरी बीमारी के लक्षण पैदा होते हैं. इसलिए खान-पान में शूगर की मात्रा कम करना बेहद जरुरी है.

यूनिवर्सिटी सरबोर्न पेरिस सिटे की टीम का मानना है कि इसकी वजह ब्लड शूगर लेवल हो सकता है. हालांकि, इस शोध को साबित करने के लिए अभी काफ़ी साक्ष्यों की आवश्यकता है और विशेषज्ञों को अभी इस पर और शोध के लिए कहा गया है.विशेषज्ञों की टीम ने आर्टिफ़िशियल शूगर इस्तेमाल करने वाले ज़ीरो कैलोरी डाइट ड्रिंक्स का भी अध्ययन किया लेकिन इसके कैंसर से जुड़े होने के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं.

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