By, Shrikant Pratyush
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पारस के डॉक्टर ने पूर्णतः बहरी हो चुकी महिला की श्रवण शक्ति लौटाई

कान में कोकलियर डिवाइस का प्रत्यारोपण किया

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पारस एचएमआरआई अस्पताल के ईएनटी सर्जन ने सारण की एक महिला की श्रवण शक्ति या सुनने की क्षमता फिर से वापस ला दी है। सारण की रहनेवाली उक्त 30 वर्षीय महिला दो बच्चों की मां है। पिछले एक वर्ष से ज्यादा समय से वह पूर्णतः बहरी हो चुकी थी।

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सिटी पोस्ट लाइव : पारस एचएमआरआई अस्पताल के ईएनटी सर्जन ने सारण की एक महिला की श्रवण शक्ति या सुनने की क्षमता फिर से वापस ला दी है। सारण की रहनेवाली उक्त 30 वर्षीय महिला दो बच्चों की मां है। पिछले एक वर्ष से ज्यादा समय से वह पूर्णतः बहरी हो चुकी थी। उसने सुननेवाली मशीन भी लगाई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पिछले दिनों वो पारस एचएमआरआई अस्पताल में इलाज के लिए आयी। जहां ईएनटी के विशेषज्ञ डॉ. अभिनीत लाल ने महिला के कान का परीक्षण किया और उसके परिजनों को कोकलियर प्रत्यारोपण की सलाह दी।

उक्त महिला में कोकलियर प्रत्यारोपण किया गया। अब वो महिला पूर्णतः सुन पा रही है। इस संबंध में डॉ. अभिनीत ने कहा कि उक्त महिला को तीन वर्ष पहले एक कान से सुनाई देना बंद हो गया था। एक वर्ष बाद दूसरे कान से भी सुनाई देना बंद हो गया। उसने सुननेवाली मशीन लगाई। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। ऐसे में हमने उसे कोकलियर डिवाइस प्रत्यारोपण की सलाह दी। अब उसका बहरापन पूर्णतः ठीक हो गया है।

कोकलियर डिवाइस कान के अंदर नस के पास प्रत्यारोपित किया जाता है। इसके लगने के बाद व्यक्ति सुन और बोल पाता है। पूरे विश्व में यह सफल है। यह डिवाइस दूसरे देशों से मंगाना पड़ता है। इस डिवाइस की कीमत 6.50 लाख है। सर्जरी और अस्पताल की फीस लगभग 70 हजार है। इस तरह प्रत्यारोपण में सात लाख रुपए से ज्यादा लगता है। हालांकि इस महिला को मुख्यमंत्री रिलीफ फंड से 4.50 लाख रुपए मिला। इससे कम खर्च पड़ा।

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जन्मजात बहरापन भी इससे ठीक किया जा सकता है

डॉ. अभिनीत ने बताया कि कोकलियर प्रत्यारोपण से जन्मजात बहरापन ठीक किया जा सकता है। लॉकडाउन से पहले हम लोगों ने एक तीन वर्ष की बच्ची में कोकलियर प्रत्यारोपण किया। वो जन्मजात बहरापन की शिकार थी। इसी तरह दिसंबर में एक व्यक्ति में कोकलियर प्रत्यारोपण किया गया। वो छह वर्ष से सुन नहीं पा रहा था।

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