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बिहार में गहरा गया है बिजली संकट,सरकार ने 20 रुपए की दर पर खरीदी बिजली.

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सिटी पोस्ट लाइव :बिहार में बिजली संकट गहरा गया है.एनटीपीसी के तालचर और दरलीपाली दोनों बिजलीघरों में उत्पादन तो पहले ही ठप था अब बुधवार को पवन उर्जा से भी 70 फीसदी की बिजली कटौती के बाद स्थिति गंभीर हो गई है. देर शाम 560 मेगावाट की जगह पवन ऊर्जा से मात्र 150 मेगावाट की ही आपूर्ति हुई.इसके पहले एनटीपीसी के बिजलीघरों में गड़बड़ी के बाद 300 मेगावाट की कटौती पहले ही हो रही थी. संकट से जूझ रही बिजली कंपनी को बाजार से भी पूरी बिजली नहीं मिल रही है. केन्द्रीय कोटा से बिहार को 1700-1800 मेगावाट कम बिजली मिल रही है.

मंगलवार को 5600 मेगावाट की जगह बुधवार की रात 5400 मेगावाट की ही डिमांड रही. सेन्ट्रल सेक्टर से पूरी बिजली नहीं मिलने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी 8 से 10 घंटे की कटौती हुई.सोमवार की देर रात एनटीपीसी के तालचर और दरलीपाली बिजलीघर की एक-एक यूनिट का ट्यूब लिकेज हो जाने से वहां उत्पादन ठप हो गया था. तालचर की 500 मेगावाट के बिजलीघर के बंद होने से बिहार को अचानक 206 मेगावाट बिजली की आपूर्ति अचानक बंद हो गयी. दरलीपाली बिजलीघर से भी 90 मेगावाट की आपूर्ति कम हो गयी.

बुधवार को देर शाम बिजली कंपनी ने बाजार से 20 रुपए प्रति यूनिट की कीमत पर 1400 मेगावाट बिजली खरीदी.सेन्ट्रल सेक्टर से बिजली आवंटन में कटौती और एनटीपीसी के बिजलीघरों में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण बिहार को बाजार से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है. अभी सूबे का बिजली संकट कम से कम एक सप्ताह तक कायम रहेगा.कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि ताप बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति मंगलवार को 20 लाख टन को पार कर गई है. देश के विभिन्न बिजली संयंत्र इस समय कोयले की कमी से जूझ रहे हैं और इसके कारण बिजली का संकट पैदा हो गया है. कई जगह कटौती करनी पड़ रही है.

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