By, Shrikant Pratyush
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साथी के मौत पर पारस अस्पताल पर बवाल

बल प्रयोग के बाद सात घंटे से ठप यातायात बहाल

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लहेरियासराय : बस दुर्घटना में घायल निजी मेडिकल कं. के एरिया मैनेजर की मौत से आक्रोशित मेडिकल प्रतिनिधियों ने अल्लपट्टी स्थित एक निजी अस्पताल पर जमकर बवाल काटा

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#citypostliveलहेरियासराय : बस दुर्घटना में घायल निजी मेडिकल कं. के एरिया मैनेजर की मौत से आक्रोशित मेडिकल प्रतिनिधियों ने अल्लपट्टी स्थित एक निजी अस्पताल पर जमकर बवाल काटा और दरभंगा-लहेरियासराय मुख्य पथ को जाम कर दिया। घंटों बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर जाम हटाया। जिसमें कई लोगों को चोटे भी आई। आंदोलनकारी उस अस्पताल पर ईलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे थे। आंदोलनकारी अस्पताल के लाईसेंस को रद्द करने के साथ-साथ मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। वहीं बुधवार को बेनीपुर-दरभंगा एसएच पर सोनकी ओपी क्षेत्र के देकुलीचट्टी गांव के पास तेज रफ्तार बस ने बाईक सवार दो लोगो को रौदते हुए एक राहगीर को भी कुचल दिया था। जिसकी मौत मौके पर ही हो गयी थी। जबकि बाईक पर सवार मेडिकल रिप्रजेन्टेटिव समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के खजुरी गांव निवासी रामकिशोर ठाकुर के पुत्र राजा ठाकुर और लहेरियासराय थाना क्षेत्र के खाजासराय मुहल्ला निवासी यदुनन्दन ठाकुर के पुत्र जीतेन्द्र ठाकुर बुरी तरह घायल हो गये थे। जिसकी ईलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती कराया गया था। जहां से बेहतर ईलाज के लिए बुधवार को लगभग 3 बजे पारस अस्पताल में रेफर किया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि डाक्टरों के द्वारा लापरवाही वरती गयी है। उनसे 4 युनिट खून लेने के बाद भी नही चढ़ाया गया और उसके मृत्यु के बाद पटना रेफर कर दिया गया। परिजनों ने जब एम्बुलेंस में ही जीतेन्द्र ठाकुर को मृत पाया, तो बुधवार की देर रात लोगो ने पारस अस्पताल में जमकर हंगामा करते हुए तोड़-फोड़ करने लगा। स्थिति को बिगड़ते देख सूचना पर बड़ी संख्या में पारस अस्पताल में पुलिस बलों की तैनाती कर दी गयी। बताया जाता है कि मृतक एक बड़ी दवा कम्पनी का एरिया मैनेजर था। उसकी मृत्यु की खबर सुनते ही सैकड़ों मेडिकल रिप्रजेन्टेटिव व स्थानीय लोगो ने गुरूवार की सुबह 9 बजे से ही मुख्य सड़क को अस्पताल के सामने चारो ओर से जाम कर दिया। जिला प्रशासन के कई अधिकारी वार्ता के लिए भी पहुंचे, लेकिन विफल रहे। आक्रोशित लोग जिलाधिकारी व वरीय पुलिस कप्तान को घटनास्थल पर आने की मांग कर रहे थे। वही पारस अस्पताल के द्वारा मृत व्यक्ति को भी ईलाज के नाम पर परिजनों से पैसा लिये जाने का विरोध कर रहे थे। इनलोगो का कहना था कि रात्री में कोई भी विशेषज्ञ चिकित्सकों के नही रहने की वजह से मरीज की मृत्यु हो जाती है। मृत्यु के बाद भी आईसीयू और वेन्टीलेटर पर रखकर मरीजों ेके परिजनों से नाजायज उगाही की जाती है। बाद में बड़ी संख्या में कई थानों की पुलिस ने हेड क्वार्टर डीएसपी प्रफुल कुमार की नेतृत्व में पहुंच कर बल प्रयोग करते हुए सभी आन्दोलकारियों को वहां से खदेड़ दिया।

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