By, Shrikant Pratyush
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FB लाइव में बोले DGP, आइजी तक रहेंगे वर्दी में हम होली के बाद मनाएंगे त्योहार

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इस बार होली में हुड़दंग करनेवालों पर पुलिस सख्त कारवाई करेगी. होली के नाम पर किसी तरह की कोई ढील नही दी जाएगी. यह आदेश बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने रविवार को फेसबुक लाइव के माध्यम से जनता एवं प्रशासन दोनों को दिया है. उन्होंने पुलिस को त्योहारों के दौरान मुस्तैद रहने का निर्देश दिया.

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FB लाइव में बोले DGP, आइजी तक रहेंगे वर्दी में, हम होली के बाद मनाएंगे त्योहार

.सिटी पोस्ट लाइव- इस बार होली में हुड़दंग करनेवालों पर पुलिस सख्त कारवाई करेगी. होली के नाम पर किसी तरह की कोई ढील नही दी जाएगी. यह आदेश बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने रविवार को फेसबुक लाइव के माध्यम से जनता एवं प्रशासन दोनों को दिया है. उन्होंने पुलिस को त्योहारों के दौरान मुस्तैद रहने का निर्देश दिया. नए डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय बिहार के जब से बनाए गएँ हैं तब से वे लगातार थानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं. कई थानेदारों को तो आधी रात में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण सस्पेंड कर चुके हैं. अपने चंद मिनट के मैसेज में उन्होंने शहर की सुरक्षा पर विशेष बल दिया. डीजीपी ने कहा कि हम होली के बाद त्योहार मनाएंगे. रंगों के त्योहार में सिपाही से लेकर आइजी तक वर्दी में रहेंगे. जवान पूरे शहर की सुरक्षा पर नजर रखेंगे.  गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि हर दो घंटे में पुलिसकर्मियों को हाजिरी लगानी होगी.

उन्होंने कहा कि जनता की मदद से ही अपराध मिट सकता है. जनता और पुलिस के बीच की खाई को कम को कम करने की जरूरत है.पब्लिक के सहयोग के बिना पुलिसिंग सिर्फ नाम की रह जाती है. पुलिस अपराध को रोकथाम कर सकती है, लेकिन अगर उसे जनता का साथ मिले तो कुछ ऐसे अपराध हैं, जो जड़ से खत्म हो जाएंगे. यही कारण है कि सामुदायिक पुलिसिंग को बिहार में बढ़ावा देने के लिए का काम युद्धस्तर पर जारी है. ये बातें पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गुप्तेश्वर पांडेय ने ए एन सिन्हा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज में ‘बिहार में सामुदायिक पुलिसिंग : चुनौतियां और संभावनाएं’ विषयक आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम में कहीं.

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आपको बता दें कि डीजीपी गुतेश्वर पाण्डेय हमेशा से जनता और पुलिस के तालमेल की बात करते रहते हैं. मतलब साफ़ है कि वे पुलिस को इकोफ्रेंडली बनाना चाहते हैं. उन्होंने फेसबुक के माध्यम से थानेदारों को साफ़ निर्देश दिया है कि अगर उनके पास कोई आता है तो उसे बैठाकर पानी पिलायें. थाने पर आनेवालों के साथ अपशब्द और अमर्यादित व्यवहार बिलकुल बर्दास्त नहीं किया जाएगा. उन्हें यह भी कहा गया है कि शान्ति समिती से लोगों को जोड़ें. निचले तपके के लोगों को परेशान कतई नहीं करें. समाज में जाकर युवाओं को जोड़ें. उनसे सहयोग मांगे. तभी जाकर समाज से अपराध यानी गंदगी मिटेगी.

जे.पी चंद्रा की रिपोर्ट

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