By, Shrikant Pratyush
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मरीज के साथ हुए दुर्व्यवहार की सूचना मिलने पर रिम्स पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री

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स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी बुधवार दोपहर करीब एक बजे अचानक रिम्स पहुंचे. रिम्स स्थित अपने कार्यालय में पहुंचने के बाद उन्होंने यूरोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ अरशद जमाल को बुलवाया और उनसे कहा

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सिटी पोस्ट लाइव, रांची : स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी बुधवार दोपहर करीब एक बजे अचानक रिम्स पहुंचे. रिम्स स्थित अपने कार्यालय में पहुंचने के बाद उन्होंने यूरोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ अरशद जमाल को बुलवाया और उनसे कहा : डॉक्टर साहब! मरीजों को लौटाइए नहीं, बल्कि उनका इलाज कीजिए. हमको भी पता है कि राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल होने के कारण रिम्स पर बहुत दबाव है, लेकिन डॉक्टर के लिए मरीज सर्वोपरि है. जवाब में डॉ जमाल ने मंत्री को बताया कि बेड भरा हुआ था और मरीज बुजुर्ग था, इसलिए उसे फर्श पर भर्ती नहीं किया गया. परिजन को बता दिया गया था कि बेड खाली होने पर उनके मरीज को भर्ती कर लिया जायेगा. मंत्री ने कहा कि मरीज को इलाज मुहैया कराना हमारा धर्म है.
ये है मामला 
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गढ़वा निवासी 90 वर्षीय महेश्वर यादव 18 अक्तूबर को रिम्स के यूरोलॉजी विभाग में इलाज कराने आये थे. उनके प्रोस्टेट का ऑपरेशन होना था. जिस दिन वे भर्ती हुए उसी दिन उनकी पत्नी की तबीयत खराब हो गयी. इस कारण परिजन उन्हें लेकर गढ़वा चले गये. 22 अक्तूबर को वे दोबारा रिम्स में भर्ती होने के लिए आये, तो विभागाध्यक्ष डॉ अरशद जमाल ने उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया. इसकी शिकायत परिजनों ने रिम्स निदेशक से की थी.
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा की
श्री चंद्रवंशी ने निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव, अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप व उपाधीक्षक सह आयुष्मान भारत के नोडल ऑफिसर डॉ संजय कुमार को बुलाकर बैठक की. आयुष्मान भारत में  लाभुकाें को हर हाल में इलाज सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया. निदेशक ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना का  लाभ रिम्स मेें मरीजों को मिल रहा है. कुछ दिक्कत हो रही है, जिसको दूर किया जा रहा है. डॉ संजय कुमार ने बताया कि अभी तक 110 मरीजों काे आयुष्मान योजना का लाभ मिला है. बुधवार को 10 नये लाभुकों का गोल्डेन कार्ड बनाया गया है.
रिम्स परिसर में पिछले कुछ दिनों से लावारिस रह रहे मरीजों को बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के प्रयास से रिम्स अौर रिनपास में भर्ती कराया गया. एक मरीज जिसे स्थानीय लोग पंडित के नाम से जानते हैं, को रिम्स में भर्ती कराया गया. शेष दो मरीजों को रिनपास में ले जाया गया, जो मनोरोगी भी हैं. हालांकि, पैर में जख्म होने की वजह से रिनपास ले जाये गये दोनों मरीजों को दोबारा रिम्स रेफर कर दिया गया. जख्म ठीक होने के बाद उन्हें रिनपास में भर्ती कराया जायेगा. इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पारा लीगल वालंटियर अौर अधिवक्ता मौजूद थे.
बुधवार को प्रधान न्यायायुक्त नवनीत कुमार के निर्देश पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी स्वयंभू, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी सचिव विजय कुमार श्रीवास्तव ने रिम्स का दौरा किया. इसके बाद रिम्स निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव और अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप के साथ बैठक की. इस दौरान रिम्स में संचालित लीगल एड क्लिनिक को सुचारु रूप से चलाने पर विचार किया गया. लीगल एड क्लिनिक में कार्यरत पैनल अधिवक्ता अौर पीएलवी को काम करने में परेशानी न हो इस पर भी वार्ता हुई. रिम्स निदेशक की अोर से आश्वासन दिया गया है कि शीघ्र ही एक वरीय चिकित्सक को नोडल ऑफिसर के रूप में प्रतिनियुक्त किया जायेगा, जो रिम्स में संचालित लीगल एड क्लिनिक में कार्यरत पैनल अधिवक्ता अौर पीएलवी को कार्यों में सहयोग करेंगे. डालसा को नहीं मिली थी लावारिस युवक की जानकारी : रिम्स परिसर में 22 अक्तूबर की रात लावारिस युवक की मौत मामले में डालसा की अोर से कहा गया है कि डालसा को पूर्व में उस युवक से संबंधित जानकारी नहीं मिली थी. 23 अक्तूबर को युवक के बाहर पड़े होने से संबंधित जानकारी मिली. तब तक युवक की मौत हो चुकी है. डालसा को जब भी किसी लावारिस या जरूरतमंद मरीज के बारे में जानकारी मिली है, तत्काल उस पर संज्ञान लेकर रिम्स में उचित इलाज कराने की पहल की गयी है.

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