मुजफ्फरपुर में कुत्तों का आतंक, एक महीने में 3,000 लोगों को काटा

Manisha Kumari

सिटी पोस्ट लाइव

मुजफ्फरपुर | मुजफ्फरपुर जिले में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। नए साल के पहले महीने में ही करीब 3,000 लोगों को कुत्तों ने काट लिया, जिसके बाद उन्हें सदर अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन दी गई। यह आंकड़ा केवल सदर अस्पताल में इलाज करवाने आए मरीजों का है। अगर इसमें एसकेएमसीएच का डेटा भी शामिल किया जाए तो अब तक 10,000 से अधिक लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं और उन्हें एंटी रैबीज वैक्सीन दी जा चुकी है। इसके अलावा, कई पीड़ितों ने निजी अस्पतालों में भी अपना इलाज करवाया है। 

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शहर के अलग-अलग इलाकों में कुत्तों का खौफ सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी है। दिन हो या रात, कुत्तों के हमले की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। शहरवासियों की लगातार शिकायतों के बावजूद नगर निगम अब तक आवारा कुत्तों को पकड़ने में असफल हो रही है। डॉग कैचर वाहन से कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई चल रही है, लेकिन अब तक इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला है। 

अखाड़ा घाट के रहने वाले आकाश कुमार ने बताया कि वे बाजार से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में एक आवारा कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया और काट लिया। उन्होंने कहा कि उनके मोहल्ले में अब तक 12 से अधिक लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं, जिससे वहां दहशत का माहौल है। सदर अस्पताल के अधीक्षक बीएस झा ने बताया कि अस्पताल में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक कुत्तों के काटने से पीड़ित लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन दी जा रही है। 

वहीं जनवरी महीने में अब तक हर दिन 100 से 125 मरीजों को वैक्सीन दी गई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और जरूरतमंदों को तत्काल उपचार दिया जा रहा है। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को देखते हुए प्रशासन को शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और इस खतरे से निजात मिल सके।

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