साहिबगंज में मनरेगा दिवस का हुआ आयोजन

ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है मनरेगा : अब्दुस सुभान

Rahul
By Rahul

सिटी पोस्ट लाइव
साहिबगंज ।
अभियान प्रशिक्षण केंद्र, साहेबगंज में मनरेगा दिवस का आयोजन बड़े ही उत्साह और जोश के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसमें जिले के कई गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति इस अवसर पर अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि जिला प्रबंधक जेएसएलपीएस मतीन तारिक, पूर्व मनरेगा लोकपाल एवं सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष अब्दुस सुभान, मार्था मरांडी और सीडब्ल्यूसी सदस्य दिनेश शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।

मनरेगा की उपयोगिता और चुनौतियों पर चर्चा अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि मनरेगा सरकार की सबसे प्रभावशाली योजनाओं में से एक है, जिसने ग्रामीण स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब वे बोरियो प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी के रूप में कार्यरत थे, तब उन्होंने मनरेगा के अंतर्गत 500 डोभा, 300 सड़क और 300 कुएं निर्माण कार्य करवाए थे।

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पूर्व मनरेगा लोकपाल एवं सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष अब्दुस सुभान ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान मनरेगा की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि इस योजना ने उस समय लाखों ग्रामीण परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान किया, जिससे बड़े पैमाने पर पलायन को रोका जा सका। हालांकि, उन्होंने चिंता व्यक्त की पिछले कुछ वर्षों में मनरेगा में कई चुनौतियाँ आई हैं।

ऑनलाइन हाजिरी और आधार-आधारित भुगतान प्रणाली के कारण मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल रही है। इसके अलावा, बोगस कार्ड के नाम पर बड़ी संख्या में जॉब कार्ड डिलीट कर दिए गए हैं, जिससे कई श्रमिक रोजगार से वंचित हो गए हैं। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर जिला प्रबंधक जेएसएलपीएस मतीन तारिक ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा एक मांग आधारित योजना है। जितनी अधिक डिमांड होगी, उतनी ही अधिक योजनाओं का निर्माण होगा और ग्रामीण क्षेत्रों का विकास होगा।

सामाजिक अंकेक्षण के क्षेत्रीय समन्वयक कौशर अंसारी ने बताया कि मनरेगा के तहत जल संरक्षण, बागवानी, गौशाला निर्माण, वृक्षारोपण, लघु सिंचाई, ग्रामीण संपर्क मार्ग, भूमि विकास, बाढ़ नियंत्रण जैसे विभिन्न कार्य किए जाते हैं, जो न केवल रोजगार सृजन बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक सिद्ध होते हैं।

कार्यक्रम का सफल संचालन और समापन

इस कार्यक्रम का संचालन चंदन कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन बिनोद यादव द्वारा किया गया। इस दौरान सामाजिक अंकेक्षण इकाई, साहेबगंज के कई सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें सोनू, गौतम, सरिता, जूली, शगुफ्ता, तरन्नुम, डोली, राधा, फरहत, त्रिकाल, राजीव, गंगा, पिंटू, विनोद, उपेंद्र, विनय, मनोज, आबू तालेब, सूरज, माला, जयंती, मधुमाला, मुंशी, सुहागिनी, मीरा और साधारू शामिल थे। मनरेगा दिवस का यह आयोजन योजना की वर्तमान स्थिति, उसकी उपलब्धियों और चुनौतियों पर मंथन करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बना, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अगर इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए, तो यह ग्रामीण भारत की समृद्धि में अहम योगदान दे सकती है।

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