सिटी पोस्ट लाइव : चुनाव से पहले बिहार सरकार ने मुखिया सरपंच से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है.अब पंचायती राज संस्थाओं एवं ग्राम कचहरी के जनप्रतिनिधियों को तय नियत मासिक भत्ता अब हर महीने मिलेगा. अभी मासिक भत्ते का भुगतान अप्रैल, जुलाई और नवंबर में विभाग द्वारा किया जाता है. इस संबंध में जिला पंचायत राज पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है.
विभाग ने भुगतान प्रणाली को पारदर्शी बनाते हुए जिला पंचायत कार्यालय के लेखापाल को मेकर, अपर जिला पंचायत राज पदाधिकारी को चेकर और जिला पंचायत राज पदाधिकारी को एप्रूवर के तौर पर नामित किया है. हाट, बाजार एवं ग्रामीण इलाकों में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पंचायती राज विभाग ने जिला परिषद से भी चापाकल लगाने का निर्णय लिया है. मार्क-4 श्रेणी के चापाकल लगाने को कहा गया है.
15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर प्राप्त ‘टाइड’ अनुदान की राशि से जिला परिषद द्वारा कराये जा रहे कामों में चापाकल योजना को जोड़ा जा रहा है. जिला परिषद पीएचईडी से तकनीकी सहयोग प्राप्त कर सकेगा.