सिटी पोस्ट लाइव
पटना। कांग्रेस में अखिलेश युग का अंत हो चुका है और अब बिहार में कांग्रेस के महत्वपूर्ण निर्णयों में एक सीनियर आईपीएस अफ़सर की बड़ी भूमिका होगी। यह दिलचस्प है कि DG रैंक के ये IPS अफ़सर अभी भी सेवा में हैं, लेकिन अब वे बिहार में कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश कुमार के बड़े भाई की तरह काम करेंगे। अब हम आपको बिना कोई सस्पेंस बनाए उनका नाम बताते हैं। वह हैं डीजी रैंक के आईपीएस अफ़सर एके आंबेडकर। एके आंबेडकर और उनके छोटे भाई विनोद चौधरी के बिहार कांग्रेस के नए अध्यक्ष राजेश कुमार से पारिवारिक संबंध हैं।
विनोद चौधरी ने सिटी पोस्ट लाइव से खास बातचीत में कहा कि राजेश कुमार उनके करीबी मित्र हैं और दोनों के बीच पारिवारिक संबंध भी हैं। कांग्रेस में यह बात सभी को पता है कि राहुल गांधी पिछली बार जब स्वतंत्रता सेनानी जगलाल चौधरी की जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए थे, तो इसमें एके आंबेडकर और उनके भाई विनोद चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
विनोद चौधरी ने बताया कि बिहार कांग्रेस के सह प्रभारी सुशील पासी के माध्यम से राहुल गांधी ने लोकसभा कार्यक्रम आयोजित किया, बिना तब के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह को सूचित किए। इस पर भी काफी विवाद हुआ था। दरअसल, सुशील पासी राहुल गांधी के लोकसभा क्षेत्र रायबरेली के रहने वाले हैं और राहुल गांधी के करीबी दोस्त हैं।
स्वतंत्रता सेनानी जगलाल चौधरी के जयंती समारोह में राहुल गांधी बार-बार आईपीएस अधिकारी एके आंबेडकर के भाई विनोद चौधरी से बातचीत करते देखे गए थे। विनोद चौधरी ने सिटी पोस्ट लाइव को यह भी बताया कि राहुल गांधी उनसे क्या पूछ रहे थे। राहुल गांधी ने पूछा था कि क्या आप लोग भी पासी समाज से हैं, जैसा पासी समाज मेरे रायबरेली में है।
ऐसी चर्चा है कि बिहार कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार, एके आंबेडकर और विनोद चौधरी से महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर पार्टी चलाएंगे। पूरी संभावना है कि डीजी रैंक के आईपीएस अफ़सर एके आंबेडकर या उनके भाई विनोद चौधरी इस बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। बिहार में पहले से ही शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के साथ कई आईपीएस अधिकारी राजनीति में शामिल हो चुके हैं, और अब इसमें एके आंबेडकर का नाम भी जुड़ सकता है।