तेजस्वी सीएम बनने के काबिल नहीं, पढ़े भी नहीं, कॉमन सेंस भी नहीं, ओवैसी का एलान

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
पटना :
एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी राजद के युवराज तेजस्वी यादव से किस कदर ख़फ़ा है, यह साफ़-साफ़ दिखा। हैदराबाद सांसद ने दो टूक कह दिया कि तेजस्वी यादव में मुख्यमंत्री बनने की काबिलियत नहीं है। ओवैसी ने कहा कि मैं उन्हें पोटेंशियल कैंडिडेट नहीं मानता। वे परिवारवाद की उपज हैं। एक निजी न्यूज़ चैनल से बातचीत करते हुए ओवैसी ने कहा कि उन्हें पोटेंशियल सीएम कैंडिडेट के तौर पर न देखने के पीछे कई कारण हैं। वो गया ज़माना कि कोई बड़े बाप का बेटा आ जाएगा, तो वही राजा होगा। वह गया ज़माना। भारत अब बदल गया है। ओवैसी ने पूछा कि तेजस्वी यादव क्यों लीडरशिप करेंगे? अख्तरुल ईमान लीडरशिप करेंगे। तौसिफ आलम साहब लीडरशिप करेंगे। हम कब तक सेकेंडरी बनकर रहेंगे? उनके पीछे हाथ झुकाकर, सिर झुकाकर कबतक खड़े रहेंगे। ओवैसी ने कहा कि हम आगे बढ़ेंगे। अपनी लीडरशिप बनाएंगे। ओवैसी ने कहा कि जो पढ़ा-लिखा होता है, वह मैथ जानता है और जो पढ़ा-लिखा नहीं भी होता है, उसमें कॉमन सेंस होता है, लेकिन ये बेचारे दोनों से महरुम हैं। 19 सीटें हम लड़े, पांच हम जीते, नौ पर आप जीते हमारे ख़िलाफ़। बाकी पर बीजेपी जीती। और जीती भी, तो हमारे पास इतने वोट नहीं थे कि हम किसी को हरा सकें या जीता सके, तो किसी की नासमझी का हमारे पास कोई इलाज़ तो नहीं है न? ओवैसी ने कहा कि हम कोई ठेका लेकर थोड़े ही बैठे हैं कि आपको हम कंधे पर बैठाकर दूल्हा बनाएंगे। ओवैसी ने कहा कि बहुत हो गया न? कितने साल करेंगे? हमको अपनी लीडरशिप बनानी है। हम सीमांचल की लड़ाई लड़ रहे हैं। हम वो करेंगे। ओवैसी ने कहा कि मेरे नाम से लालू-तेजस्वी को बेचैनी हो जाती है, तो हम क्या करें। किसी मेडिकल शॉप पर जाकर दवा पूछ लें कि ओवैसी की बेचैनी की दवा क्या है? ओवैसी ने कहा कि पूरे देश में आप ढिंढोरा पीटते हैं कि शिवसेना को तोड़ लिया गया। फलां पार्टी को तोड़ लिया और जब आपने मेरी पार्टी को बिहार में खरीदकर तोड़ दिया, तो यह बड़ा पुण्य का काम है, न? तेजस्वी के ख़िलाफ़ जिस तरह से ओवैसी आग उगलते दिखे, उससे एकदम साफ़ है कि छह महीने बाद होने वाले चुनाव में एआईएमआईएम राजद की राह मुश्किल कर सकता है। तेजस्वी मुस्लिम लीडरशिप का मसला उठा रहे हैं। तेजस्वी का राज़ा का बेटा करार दे रहे हैं। पूछ रहे हैं कि जब सैलाब यानी कि बाढ़ आई थी, तब तेजस्वी कहां थे। वे कह रहे हैं कि पिछली बार 19 सीटों पर लड़े थे, इस बार उससे ज़्यादा सीटों पर लड़ेंगे। गठबंधन का ऑप्शन भी खुला रख रहे हैं, कह रहे हैं कि देखते है क्या होता है। तो फिर देखिए, इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में ओवैसी फ़ैक्टर कितना काम करता है,

Share This Article