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डुमरांव: नया भोजपुर थाना क्षेत्र के पुराना भोजपुर और नवाडेरा गांव की सीमा पर स्थित पोखर की जमीन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को इस मुद्दे पर नवाडेरा के ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने निर्माण कार्य को जबरन रुकवाने का प्रयास किया, जिससे दोनों पक्षों में टकराव हो गया। इसी दौरान पथराव की घटना भी हुई, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इस झड़प में एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया।
डीसीएलआर के आदेश के बाद हुआ था कब्जा
गौरतलब है कि डीसीएलआर द्वारा इस जमीन को रैयती घोषित किया गया था, और 25 जनवरी को डुमरांव सीओ को भू-स्वामी को कब्जा दिलाने का निर्देश दिया गया था। आदेश के अनुसार, सीओ ने पुलिस बल की मौजूदगी में भूमि स्वामी को कब्जा दिलवा दिया था। इसके बाद, जब रैयतदार ने भूमि पर निर्माण कार्य शुरू किया, तो नवाडेरा के ग्रामीणों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।
बुधवार को जब रैयतदार निर्माण कार्य कराने पहुंचे, तो ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना पुलिस की मौजूदगी में भी हुई। इस दौरान सिमरी थाना क्षेत्र के मानिकपुर निवासी विष्णुशंकर राय घायल हो गए, जिन्होंने नया भोजपुर थाने में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

ग्रामीणों का दावा – जमीन सार्वजनिक
नवाडेरा के ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए है, इसलिए इस पर किसी भी प्रकार का निजी निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। वहीं, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह स्थिति को शांत कराया। घटना की जानकारी मिलते ही डीएसपी अफाक अख्तर अंसारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाते हुए मूल दस्तावेज के साथ अपना पक्ष रखने के लिए कहा। इसके साथ ही, उन्होंने तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रुकवाने का निर्देश दिया।
विवाद की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की गई। मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया गया और निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। विरोध करने वाले पक्ष को 15 दिन के अंदर अपने मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने का समय दिया गया है। यदि कोई दोबारा विवाद उत्पन्न कर शांति भंग करने की कोशिश करता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
– अफाक अख्तर अंसारी, एसडीपीओ, डुमरांव
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों को अपने-अपने दावे के समर्थन में दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि आगे कोई विवाद बढ़ता है तो प्रशासन सख्त कदम उठाने के लिए तैयार है।