4 घंटे की बैठक, नीतीश पर एक शब्द नहीं बोले अमित शाह, महाराष्ट्र फॉर्मूले पर बिहार में लड़ने का संदेश.

City Post Live

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सिटी पोस्ट लाइव : अपने दो दिन के बिहार दौरे पर आये अमित शाह ने  बिहार बीजेपी के नेताओं को बंद कमरे में संदेश दिया है. उन्होंने अगले 6 महीने का रोडमैप भी समझाया है.सबसे ख़ास बात नेताओं के साथ चार घंटे की बैठक में अमित शाह नीतीश कुमार पर एक शब्द भी नहीं बोला और ना ही लीडरशिप पर कोई चर्चा की.अमित शाह की बैठक से पहले बीजेपी के नेताओं को लग रहा था कि चुनाव से पहले बिहार में लीडरशिप को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी. इनके मन में संदेह बना हुआ है कि चुनाव किसके नेतृत्व में लड़ा जाएगा. नीतीश कुमार के बाद बिहार में NDA का लीडर कौन होगा?

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अमित शाह ने बैठक में बार-बार NDA का नाम तो दोहराया, लेकिन एक बार भी लीडरशिप का कोई जिक्र नहीं किया. एक बार भी नीतीश कुमार का नाम नहीं लिया. बैठक में उन्होंने BJP नेताओं से कहा कि NDA के सभी घटक दलों की सीटों पर भी कैंडिडेट को कमल छाप समझकर ही काम करना है. न कोई जदयू, न लोजपा (आर) और न हम. इसी रणनीति से हमें ऐतिहासिक जीत मिलेगी. घटक दलों से दुराव नहीं, समन्वय बनाकर चलना है. किसी भी सूरत में मतभेद या मतभिन्नता नहीं दिखनी चाहिए.

2020 विधानसभा चुनाव में JDU और BJP के साथ चुनाव लड़ी थी, लेकिन चिराग पासवान की पार्टी अलग लड़ी. चिराग ने उन सीटों पर प्रत्याशी उतारे जहां नीतीश कुमार की पार्टी लड़ रही थी.उन्होंने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान अपने को PM मोदी का हनुमान बताया था. इससे ग्राउंड लेवल पर भाजपा कार्यकर्ता कंफ्यूज हो गए और JDU को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. अमित शाह के इस क्लियर मैसेज के पीछे शायद ये सोच हो कि इस चुनाव में ऐसी स्थिति उत्पन्न ना हो.अमित शाह ने BJP नेताओं को हरियाणा, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश का उदाहरण देते हुए  कहा, ‘इन राज्यों में हमें चुनाव जीतने के कोई आसार नहीं दिखाई दे रहे थे. ये चुनाव हमारे लिए बहुत कठिन था, लेकिन हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में वर्कर की मेहनत से और माइक्रो मैनेजमेंट से हमने ये चुनाव जीता है. यही फॉर्मूला हम यहां भी लेकर चलेंगे.’

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