सिटी पोस्ट लाइव : वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पास हो जाने के बाद सबके जेहन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास राज्य में करीब 2900 तो शिया वक्फ बोर्ड के पास 327 संपत्तियां हैं.इनमें से 400 से अधिक प्रॉपर्टी को लेकर विवाद है. राजधानी पटना के डाकबंगला के पास की वक्फ की संपत्तियों का मामला लालू यादव से लेकर बिहार के कई नेता उठा चुके हैं.सबके जेहन में सवाल है अब ईन सम्पतियों का क्या होनेवाला है.
डाकबंगला चौराहे के पास वक्फ बोर्ड की हजारों करोड़ रुपए की जमीन को अवैध रूप से बेच दिया गया और कब्जा भी कर लिया गया. यह मामला कोर्ट में है और फैसला जिसके पक्ष में आएगा, जमीन उसी की होगी.नए बदलावों में एक्ट की धारा 107 को हटाने और वक्फ की प्रॉपर्टीज को 1963 के लिमिटेशन एक्ट के दायरे में लाने का प्रावधान है.‘अगर किसी ने 12 साल या उससे ज्यादा समय से वक्फ की किसी प्रॉपर्टी पर कब्जा कर रखा है, तो लिमिटेशन एक्ट के चलते वक्फ बोर्ड इसके खिलाफ कानूनी मदद नहीं ले पाएगा.नए बिल में वक्फ ट्रिब्यूनल्स को वक्फ मामलों में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार खत्म कर दिया गया है.
वक्फ बोर्ड की जमीन को लेकर हर जगह विवाद है.मामले या तो बोर्ड के ट्रिब्यूनल में या फिर हाईकूट में लंबित हैं.नया बिल आ जाने के बाद वैसे लोग खुशी मना रहे हैं जिनकी जमीन पर बोर्ड दावा कर रहा है. गोविंदपुर में लोग पटाखा फोड़कर और मिठाई बांटकर बिल का स्वागत करते दिखे. इसमें कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल थे.गाँव के लोगों का कहना है कि उनकी जमीन को वक्फ बोर्ड ने अपनी बताकर खाली करने का नोटिस भेज दिया था. इस बिल के पारित होने से अब कोई हमारी जमीन नहीं छीन सकता. नए नियमों से फर्जी दावों पर रोक लगेगी. किसी भी जमीन को अपनी बताकर कब्जा कर लिया जाता था.अब इस संशोधन से ऐसी मनमानी पर रोक लगेगी.
गोविंदपुर के अलावा फतुहा के कई अन्य इलाकों में भी वक्फ बोर्ड ने जमीनों पर दावा किया था. स्टेशन रोड और पटना-बख्तियारपुर पुरानी सड़क के पीछे की जमीनों पर भी वक्फ बोर्ड ने अपना अधिकार जताया था.हालांकि, कोर्ट में सुनवाई के बाद इन सभी मामलों को खारिज कर दिया गया. स्थानीय लोगों का मानना है कि नए संशोधन से अब वक्फ बोर्ड की ओर से फर्जी दावों की संभावना खत्म हो जाएगी.