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पटना : AIMIM प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मिले नए ऋण पैकेज को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पाकिस्तान पर धार्मिक कट्टरता की आड़ में भारत में अशांति फैलाने और आर्थिक रूप से ‘आधिकारिक रूप से भीख मांगने’ का आरोप लगाया।
एक कार्यक्रम में बोलते हुए ओवैसी ने कहा, “वे IMF से $1 बिलियन का ऋण ले रहे हैं। पिछले 75 वर्षों में पाकिस्तान ने किया ही क्या है? यह उनके लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष नहीं, अंतर्राष्ट्रीय उग्रवादी कोष है”। ओवैसी ने यह भी सवाल उठाया कि भारत के खिलाफ लगातार आक्रामक रवैया अपनाने वाले पाकिस्तान को वैश्विक संस्थाएं क्यों बार-बार राहत दे रही हैं। उन्होंने कहा कि यह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की नीतिगत दोहरापन दिखाता है।
गौरतलब है कि IMF ने 9 मई को पाकिस्तान के लिए दो प्रमुख फैसले लिए—पहला, $7 बिलियन के Extended Fund Facility (EFF) कार्यक्रम की पहली समीक्षा, जिससे $1 बिलियन की तत्काल राहत, और दूसरा, $1.4 बिलियन के Resilience and Sustainability Facility (RSF) के तहत नया ऋण। IMF ने बयान में दावा किया कि इन कार्यक्रमों ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में “महत्वपूर्ण प्रगति” की है। हालांकि, ओवैसी का कहना है कि पाकिस्तान बार-बार अंतर्राष्ट्रीय मदद लेकर आर्थिक अनुशासन की बजाय कट्टरपंथ और आतंकवाद को बढ़ावा देता है।