न्यायमूर्ति बी.आर. गवई ने ली भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ, बने पहले बौद्ध CJI

Deepak Sharma

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिलाई शपथ, समारोह में पीएम मोदी और कई वरिष्ठ मंत्री रहे मौजूद

सिटी पोस्ट लाइव
भारत के सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने बुधवार को देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। खास बात यह रही कि उन्होंने हिंदी में शपथ ली और भारत के पहले बौद्ध मुख्य न्यायाधीश बनने का गौरव प्राप्त किया।

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समारोह में देश की शीर्ष हस्तियों की उपस्थिति
दिल्ली में आयोजित इस गरिमामय शपथग्रहण समारोह में कई प्रमुख राष्ट्रीय नेता उपस्थित रहे। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित कई केंद्रीय मंत्री शामिल थे।

शपथ ग्रहण के बाद न्यायमूर्ति गवई ने कहा, “मैं महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करता हूं, जो हमारे राष्ट्र और संविधान के पथ प्रदर्शक रहे हैं।”न्यायमूर्ति गवई 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किए गए थे। उन्हें करीब छह महीने का कार्यकाल मिलेगा और वे 23 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्त होंगे।

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