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नवादा/पटना – बिहार के नवादा जिले के कौआकोल प्रखंड अंतर्गत पाण्डेयगंगौट गांव का वीर सपूत मनीष कुमार जम्मू-कश्मीर के कारगिल सेक्टर में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। 25 वर्षीय मनीष, भारतीय सेना में नर्सिंग असिस्टेंट के पद पर तैनात थे। उनकी शहादत की सूचना सेना के एक कर्नल द्वारा फोन के माध्यम से परिवार को दी गई, जिसके बाद पूरे गांव में मातम और वीरता का मिला-जुला माहौल है।
दो महीने पहले ही हुई थी शादी शहीद मनीष की शादी हाल ही में 6 मार्च 2025 को हुई थी। विवाह के तुरंत बाद वे ड्यूटी के लिए कारगिल लौटे थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस तक देश की सेवा की। उनका जीवन भले ही छोटा रहा, लेकिन देश के लिए उनकी अमर शहादत एक इतिहास बन गई है।
सेना में समर्पित परिवार मनीष के दो अन्य भाई भी भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं, जो इस परिवार की देशभक्ति और बलिदान की भावना को दर्शाता है। इस खबर के बाद पूरे गांव में शोक और गर्व का माहौल है।
श्रद्धांजलि में बजरंग दल की घोषणा – गांव का नाम होगा ‘शहीद मनीष सिंह ग्राम’ बजरंग दल नेता जितेंद्र प्रताप ने शहीद के घर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया और घोषणा की कि “अब से यह गांव ‘शहीद मनीष सिंह ग्राम’ के नाम से जाना जाएगा। उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा।” कुछ ग्रामीणों ने सरकार से यह सवाल भी किया कि “बार-बार बिहार के जवान शहीद हो रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से ठोस नीतिगत कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे?”