Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया बिहार यात्रा के बाद शुरू हुई पोस्टर वार अब तूल पकड़ चुकी है। राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा दिए गए “पॉकेट पीएम” वाले बयान के जवाब में एनडीए समर्थित पोस्टर पूरे राज्य में लगाए गए हैं, जिनमें लालू यादव और तेजस्वी यादव को निशाने पर लिया गया है।

पटना के प्रमुख चौराहों पर एक पोस्टर ने खासा ध्यान खींचा है। इसमें लिखा गया है “मेरा बाप चारा चोर है, मुझे वोट दो” पोस्टर में एक कार्टून चित्र है जिसमें लालू यादव और तेजस्वी यादव भैंस पर सवार हैं और हाथ में लालटेन लिए दिखाए गए हैं। यह सीधा हमला न सिर्फ राजद प्रमुख पर है, बल्कि चारा घोटाले को भी सियासी हथियार के रूप में सामने लाता है।

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बीजेपी और जेडीयू नेताओं ने तेजस्वी यादव के बयान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सीधा अपमान बताया है। उनका कहना है कि तेजस्वी की भाषा और शैली, उनकी राजनीतिक अपरिपक्वता को दर्शाती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह व्यक्तिगत हमलों की शुरुआत है, जो 2025 के विधानसभा चुनावों तक और तेज हो सकती है। इस प्रकार के पोस्टर और बयान न सिर्फ पार्टियों के बीच टकराव बढ़ा रहे हैं, बल्कि जनता की धारणाओं को भी प्रभावित कर सकते हैं। मॉनसून सत्र और आगामी उपचुनावों में इस पोस्टर वार का असर दिख सकता है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ती तल्खी से साफ है कि बिहार में राजनीतिक गर्मी अब और बढ़ेगी, और बयानबाजी अपने चरम पर होगी।

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