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देश में वोटर आईडी कार्ड नागरिकों की पहचान और चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी का अहम दस्तावेज होता है। लेकिन हाल ही में यह मुद्दा बिहार में चर्चा का केंद्र बन हुआ है। जब आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के नाम से 2 अलग-अलग वोटर आईडी कार्ड सामने आए। तो लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या एक व्यक्ति के पास दो वोटर आईडी कार्ड हो सकते हैं? इसे लेकर चुनाव आयोग क्या एक्शन लेता है और भारतीय कानून क्या कहता है।
दरअसल, कुछ दिन पहले आपने सुना होगा कि बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के पास 2 अलग-अलग वोटर आईडी कार्ड है। इसे लेकर बिहार की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया और विपक्षी ने भी खूब हमला बोला है। EPIC का मतलब इलेक्टोरल फोटो आइडेंटिटी कार्ड। जिसे आमतौर पर वोटर आईडी कार्ड कहा जाता है। यह भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) जारी करता है। समें मतदाता का नाम, पता, फोटो और एक यूनिक EPIC नंबर होता है और यह नंबर हर मतदाता के लिए अलग होता है। वहीं, 2 अलग-अलग वोटर आईडी कार्ड को लेकर ‘जन प्रतिनिधित्व नियम,1950 कहता है कि एक नागरिक के पास केवल एक वोटर आईडी कार्ड हो सकता है। व्यक्ति सिर्फ उसी क्षेत्र में वोटर के रूप में रजिस्टर्ड हो सकता है, जहां वह मौजूदा समय में रह रहा है।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 17 कहता है कि कोई भी व्यक्ति एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों (constituencies) में मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हो सकता।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 18 कहता है कोई भी व्यक्ति किसी एक ही निर्वाचन क्षेत्र में एक से अधिक बार मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हो सकता।
एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर दो वोटर आईडी कार्ड बनवाता है तो उसे 1 साल तक की जेल हो सकती है या जुर्माना लग सकता है। और दोनों भी हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति का नाम 2 जगह वोटर लिस्ट में है तो उसे खुद चुनाव आयोग की इसकी जानकारी देकर एक नाम हटवाना चाहिए। और इसे गलती से छुपाना एक तरह का दंडनीय अपराध है।
जानकारी के लिए बता दें कि, अगर किसी के पास 2 वोटर आईडी कार्ड है तो चुनाव आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर एक कार्ड को सरेंडर कर सकते हैं। यह प्रकिया पूरी तरह फ्री है। वहीं, किसी का पुराना EPIC कार्ड खो जाए तो इस सिलसिले में नजदीकी थाने में जाकर FIR दर्ज कराएं। और फिर उस FIR की कॉपी लेकर 25 रुपए के साथ अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) या चुनाव कार्यालय में जमा करें। इसके बाद आपका नया वोटर कार्ड बन कर तैयार हो जाएगा।