निगरानी के शिकंजे में फंसे बेतिया के जिला मत्स्य पदाधिकारी, ₹1 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में एक और बड़ी सफलता मिली है। निगरानी विभाग की टीम ने पश्चिम चंपारण के जिला मत्स्य पदाधिकारी पीयूष रंजन को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की राशि जारी करने के एवज में की गई।

यह मामला बैरिया प्रखंड के पखनाहा बाजार निवासी मुराद अनवर से जुड़ा है। मुराद अनवर की मां मत्स्य पालन का काम करती हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत ₹25 लाख की योजना के लिए आवेदन किया था, जिसमें उन्हें ₹10 लाख की सब्सिडी मिलनी थी। जब सब्सिडी की राशि जारी करने का समय आया, तो जिला मत्स्य पदाधिकारी पीयूष रंजन ने कुल सब्सिडी राशि का 10% यानी ₹1 लाख रिश्वत के तौर पर मांगा।

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अधिकारी की इस मांग से परेशान होकर मुराद अनवर ने इसकी लिखित शिकायत निगरानी विभाग से की। शिकायत मिलने के बाद, निगरानी की टीम ने पूरी योजना बनाई और मामले की गहनता से जांच की। सत्यापन के बाद, सोमवार को एक जाल बिछाया गया, जिसमें जिला मत्स्य पदाधिकारी को रंगेहाथ पकड़ने की तैयारी की गई।

जब मुराद अनवर ने रिश्वत की रकम पीयूष रंजन को दी, तभी निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। आरोपी अधिकारी को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए अधिकारी को अब आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले जाया जा रहा है।

इस गिरफ्तारी से मत्स्य पालन विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह एक बड़ा कदम है और इससे सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता आएगी। निगरानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं, और यह कार्रवाई उसी का नतीजा है।

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