बिहार में नई सरकार गठन की हलचल के बीच सत्ता गलियारों में एक और बड़ी चर्चा तेज है। विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर अबकी बार बीजेपी अपने सीनियर नेता प्रेम कुमार पर दांव लगा सकती है। लगातार आठवीं बार विधायक बने प्रेम कुमार अनुभव और वरिष्ठता, दोनों मोर्चों पर पार्टी के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। ऐसे में 20 नवंबर को गांधी मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण से पहले ही सियासत में नए समीकरणों के संकेत साफ दिखाई देने लगे हैं।
बीजेपी में मंथन तेज है और माना जा रहा है कि वरिष्ठ विधायक प्रेम कुमार को इस बार विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। लगातार आठवीं बार गया से चुने गए प्रेम कुमार पार्टी के सबसे सीनियर विधायक हैं और निवर्तमान स्पीकर नन्द किशोर यादव की जगह ले सकते हैं। नन्द किशोर यादव को इस बार टिकट नहीं मिला था, इसलिए वे विधानसभा में नहीं पहुंचे। उधर, स्पीकर पद पर जेडीयू का दावा भी चर्चा में था। जेडीयू का तर्क था कि चूंकि विधान परिषद में सभापति बीजेपी से हैं, इसलिए विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी उसे मिलनी चाहिए, लेकिन बीजेपी ने यह मांग स्वीकार नहीं की। हालांकि, इसी बीच प्रेम कुमार शनिवार को डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के आवास पहुंचे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे पार्टी के वफादार सिपाही हैं और जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे।
वहीं, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने भी प्रेम कुमार के नाम पर सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि वे स्वयं स्पीकर रह चुके हैं और अच्छी तरह जानते हैं कि सदन को चलाने के लिए अनुभव कितना अहम होता है। उन्होंने कहा कि प्रेम कुमार बीजेपी के सबसे वरिष्ठ विधायक हैं और वे विश्वास रखते हैं कि वे सदन की कार्यवाही को बेहतरीन तरीके से संभालेंगे। साथ ही यह भी जोड़ा कि पार्टी उनके लिए जो भी भूमिका तय करेगी, वह उसे पूरे समर्पण के साथ निभाएंगे।