पीएम मोदी की मां पर अपशब्द, तेज प्रताप यादव ने कहा- ‘अपमान करने वालों को जेल भेजा जाए’

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव की ‘बिहार अधिकार यात्रा’ के दौरान एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले पर अब राजद से निष्कासित नेता तेज प्रताप यादव ने प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने पीएम की मां का अपमान करने वालों को तुरंत जेल भेजने की मांग की है।

रविवार को एक बयान में तेज प्रताप यादव ने कहा, “मैंने पहले भी कहा है और आज भी दोहरा रहा हूं… एक मां, मां होती है। एक इंसान को जन्म मां ही देती है। इसलिए, जिसने भी एक मां का अपमान किया है और उन पर उंगली उठाई है, उनके खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।” उन्होंने केंद्र सरकार से ऐसे लोगों को तुरंत जेल भेजने का आग्रह किया, जिन्होंने एक महिला का अपमान किया है।

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस घटना का एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया है कि तेजस्वी यादव की रैली में पीएम मोदी की मां के खिलाफ फिर से अपशब्द कहे गए। हालांकि, इंडिया टीवी ने इस वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।

भाजपा नेताओं ने इस घटना को लेकर राजद पर निशाना साधा है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव की पार्टी गुंडों की पार्टी है। उन्होंने इस घटना के लिए तेजस्वी यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दोनों से माफी मांगने की मांग की। सम्राट चौधरी ने X पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा, “तेजस्वी यादव ने एक बार फिर मोदी जी की दिवंगत मां का अपमान किया है। उन्होंने बिहार की संस्कृति को फिर से तार-तार कर दिया है। रैली में राजद कार्यकर्ता जितनी गालियां दे सकते थे, उतनी दे रहे थे, और तेजस्वी उन्हें प्रोत्साहित कर रहे थे।” उन्होंने कहा कि बिहार की माताएं और बहनें उनकी इस “गुंडागर्दी वाली मानसिकता” और “अभद्र व्यवहार” का जवाब जरूर देंगी।

सम्राट चौधरी ने आगे कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतंत्र का घोर अपमान है। क्या माताओं और बहनों का अपमान करना उनकी संस्कृति और विपक्षी दलों का मुकाबला करने का हथियार बन गया है? बिहार की जनता इस गंदी राजनीति को अच्छी तरह समझती है और लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।” यह घटना ऐसे समय में हुई है जब बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है।

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