‘भूरा बाल साफ’ करने का दावा करने वाले बाहुबली नेता को राबड़ी आवास से लौटाया गया, तेजस्वी ने नहीं की मुलाकात

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजनीति में अपने विवादित बयानों से सुर्खियां बटोरने वाले बाहुबली नेता अशोक महतो को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बड़ा झटका दिया है। हाल ही में “हम भूरा बाल साफ कर देंगे” जैसे आपत्तिजनक बयान देकर चर्चा में आए अशोक महतो को कल राबड़ी आवास में प्रवेश नहीं मिला। विधानसभा चुनाव के टिकट को लेकर तेजस्वी यादव से मुलाकात करने पहुंचे अशोक महतो को सुरक्षा गार्ड ने दरवाजे से ही वापस लौटा दिया, जिससे राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।

‘भूरा बाल’ बयान पर फजीहत और पार्टी का सख्त रुख
अशोक महतो का सार्वजनिक मंच से दिया गया “भूरा बाल साफ कर देंगे” वाला बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ था। इस असंवेदनशील और अभद्र भाषा वाले बयान पर न केवल जनता ने, बल्कि विरोधी दलों ने भी कड़ी आपत्ति जताई थी। ‘भूरा बाल’ शब्द का इस्तेमाल बिहार में भूमिहार, राजपूत, ब्राह्मण और कायस्थ जाति के संदर्भ में किया जाता रहा है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मीम्स और चुटकुलों की बाढ़ आ गई थी, जिससे नेताजी की जमकर फजीहत हुई।

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हालांकि, शुरुआत में पार्टी ने चुप्पी साधी रखी, लेकिन इस बयान से RJD की उस सोशल इंजीनियरिंग और A to Z (सभी जातियों) को साथ लाने की नीति को नुकसान पहुंचने की आशंका थी, जिसका दावा तेजस्वी यादव लगातार करते रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के अंदर भी महतो की इस बयानबाजी को लेकर गहरा असंतोष था।

राबड़ी आवास पर टिकट मांगने पहुंचे, पर दरवाज़ा नहीं खुला
गुरुवार की रात अशोक महतो विधानसभा चुनाव के लिए टिकट के सिलसिले में तेजस्वी यादव से मुलाकात करने राबड़ी आवास (10 सर्कुलर रोड) पहुंचे थे। वह काफी देर तक गेट पर खड़े रहे, लेकिन उन्हें तेजस्वी के गार्ड ने अंदर जाने से रोक दिया। तमाम कोशिशों के बावजूद अशोक महतो की मुलाकात तेजस्वी यादव से नहीं हो पाई और उन्हें बिना बात किए ही दरवाजे से वापस लौटना पड़ा।

यह घटना इसलिए भी अधिक चौंकाने वाली है क्योंकि लोकसभा चुनाव 2024 में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने खुद अशोक महतो की पत्नी अनीता देवी को मुंगेर लोकसभा सीट से पार्टी का उम्मीदवार बनाया था। लालू यादव ने खुद कॉल करके उन्हें घर बुलाया था और सिंबल दिया था। ऐसे में, महज कुछ महीनों बाद अशोक महतो को आवास के दरवाजे से लौटा दिया जाना यह स्पष्ट संकेत है कि पार्टी उनके हालिया विवादित बयानों को लेकर सख्त रुख अपना चुकी है।

बदलती राजनीति में बयानों का महत्व
अशोक महतो के साथ हुए इस व्यवहार से यह स्पष्ट हो गया है कि अब बिहार की राजनीति में केवल बाहुबल या जनाधार ही नहीं, बल्कि पार्टी की छवि और नेताओं की भाषा भी बहुत मायने रखती है। जनता और सोशल मीडिया अब नेताओं के हर शब्द पर पैनी नजर रखते हैं। “भूरा बाल” वाले बयान ने साबित कर दिया कि असंवेदनशील और विवादास्पद बयानबाजी किसी भी नेता के राजनीतिक करियर के लिए कितनी घातक हो सकती है, खासकर तब जब पार्टी सामाजिक सद्भाव और सभी वर्गों को साधने की कोशिश कर रही हो। अशोक महतो को राबड़ी आवास से बैरंग लौटना RJD की एक बड़ी कड़ी फटकार के तौर पर देखा जा रहा है।

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