बिहार में होली के हुड़दंग के बीच राज्यसभा का सियासी रंग: चिराग ने कार्यकर्ताओं संग उड़ाया गुलाल, 5वीं सीट पर टिकी नजरें

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में फागुन की मस्ती और राजनीति की तपिश एक साथ परवान चढ़ रही है। सोमवार को होलिका दहन के साथ ही पूरे प्रदेश में होली का उत्सव शुरू हो गया है, लेकिन इस बार रंगों के इस त्योहार पर राज्यसभा चुनाव का सियासी रंग पूरी तरह हावी दिख रहा है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना में अपने कार्यकर्ताओं और परिवार के साथ होली मनाकर चुनावी शंखनाद का संकेत दे दिया है।

चिराग का ‘होली मिलन’ और 5वीं सीट का दांव
सोमवार को चिराग पासवान के आवास पर होली के पारंपरिक गीतों और अबीर-गुलाल के बीच गजब का उत्साह देखा गया। कार्यकर्ताओं से मिलते हुए चिराग ने न केवल पर्व की शुभकामनाएं दीं, बल्कि राज्यसभा की पांचों सीटों पर एनडीए की जीत का दावा भी ठोक दिया। गौरतलब है कि बिहार की 5 राज्यसभा सीटों में से 4 पर एनडीए (बीजेपी और जेडीयू) की जीत तय है, लेकिन असली पेंच ‘पांचवीं सीट’ को लेकर फंसा है। चिराग पासवान की पार्टी भी इस सीट के लिए दावेदारी जता रही है, जिससे इस बार की होली ‘सियासी मिलन’ का बड़ा केंद्र बन गई है।

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खगोलीय संयोग: बुधवार को खेली जाएगी होली
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार होली का गणित थोड़ा बदला हुआ है। सोमवार को होलिका दहन के बाद मंगलवार को चंद्र ग्रहण का साया होने के कारण, रंगों वाली होली बुधवार को खेली जाएगी। हालांकि, नेताओं के आवासों पर सोमवार से ही ‘होली मिलन’ समारोहों का तांता लग गया है। रविवार (रंग पंचमी) तक चलने वाले इन आयोजनों में राज्यसभा की रणनीति और उम्मीदवारों के चयन को लेकर अंदरूनी खिचड़ी पकनी तय है।

प्रशासन सख्त: हुड़दंगियों पर ‘ड्रोन’ की नजर
त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिहार प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। राज्य के सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। हर जिले में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो हर दो घंटे में स्थिति की रिपोर्ट मुख्यालय को भेज रहे हैं। शराबबंदी वाले राज्य में अवैध तस्करी और हुड़दंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

5 मार्च को राज्यसभा के लिए नामांकन की अंतिम तिथि है, और उससे ठीक पहले पड़ने वाली यह होली बिहार की राजनीति में कई नए समीकरण बना सकती है। क्या चिराग पासवान 5वीं सीट हासिल करने में कामयाब होंगे या एनडीए का कोई और घटक दल बाजी मारेगा? रंगों के इस त्योहार के खत्म होते ही बिहार की राजनीति का असली चेहरा साफ हो जाएगा।

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