सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के तहत कटिहार जिले की सभी सात विधानसभा सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया है। इस बार राजनीतिक समीकरणों में आए फेरबदल के कारण मुकाबला बेहद कड़ा और दिलचस्प हो गया है। विभिन्न राजनीतिक आकलन और जमीनी रिपोर्टों के अनुसार, जिले में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) चार सीटों पर और महागठबंधन (Grand Alliance) तीन सीटों पर बढ़त लेता हुआ दिखाई दे रहा है।
दोनों गठबंधनों के बीच कड़ी टक्कर होने से अंतिम परिणाम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं, हालांकि कुछ सीटों पर स्पष्ट रुझान भी सामने आए हैं।
सीटों का विस्तृत चुनावी विश्लेषण
महागठबंधन की मजबूत पकड़ वाली सीटें:
बरारी: इस सीट पर कांग्रेस का ‘हाथ’ मजबूत नजर आ रहा है। उम्मीदवार तौकीर महागठबंधन के परंपरागत MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण के अलावा, एनडीए के पारंपरिक वोट बैंक में भी सेंधमारी करने में सफल रहे हैं। इसके अतिरिक्त, जन सुराज जैसे निर्दलीय कारकों की मौजूदगी से भी एनडीए के वोटों में बिखराव हुआ है, जिसका सीधा फायदा कांग्रेस को मिल सकता है।
बलरामपुर: यहाँ एक बार फिर CPI(ML) Liberation (माले) की पकड़ मजबूत दिख रही है। माले के उम्मीदवार से कुछ मतदाताओं की नाराजगी थी, लेकिन यह नाराजगी ध्रुवीकरण की लहर में दब गई। माले का मजबूत जमीनी संगठन एक बार फिर निर्णायक साबित हो सकता है।
कदवा: इस सीट पर कांग्रेस और जदयू के बीच कड़ी टक्कर है, लेकिन कांग्रेस को आगे माना जा रहा है। यहाँ मुस्लिम मतों में बिखराव देखा गया, जिसने कांग्रेस के लिए राह बनाई।
NDA की बढ़त वाली सीटें:
मनिहारी: यहाँ जनता दल यूनाइटेड (JDU) का ‘तीर’ चलता नजर आ रहा है। यह सीट NDA के खाते में जाती दिख रही है। मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण उस उम्मीद के अनुरूप नहीं हो पाया, जिससे महागठबंधन को लाभ मिलता। यह बिखराव जदयू के प्रदर्शन को बेहतर कर सकता है।
कोढ़ा: इस सीट पर NDA और महागठबंधन के बीच सीधी टक्कर है, लेकिन कमल (BJP) की बढ़त दिख रही है। बीजेपी उम्मीदवार कविता पासवान मतदाताओं की शुरुआती नाराजगी को साधने में सफल रहीं। फलका प्रखंड के कुछ बूथों पर NDA को पूर्ण समर्थन मिला, जबकि मुस्लिम बाहुल्य बूथ महागठबंधन के पक्ष में रहे।
प्राणपुर: यहाँ मुकाबला बेहद कांटे की टक्कर वाला है, लेकिन शुरुआती आकलन में NDA उम्मीदवार को मामूली बढ़त मिलती दिख रही है। यहाँ ‘लालटेन’ (RJD) की लौ भी तेज दिखाई दे रही है, जिससे यह सीट अंतिम परिणाम तक अनिश्चित बनी रहेगी।
कटिहार सदर: यह सीट जिले की सबसे दिलचस्प सीट बन गई है। यहाँ भाजपा (तारकिशोर प्रसाद) और वीआईपी (सौरभ अग्रवाल) के बीच सीधा और कांटे का मुकाबला है। दोनों उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पहुँच और पार्टी के जनाधार के कारण यह सीट अंत तक किसी भी पाले में जा सकती है, हालाँकि NDA के कोर वोटबैंक के कारण मामूली बढ़त का अनुमान है।
कटिहार जिले का चुनावी परिणाम यह तय करेगा कि क्षेत्र में अगले पाँच वर्षों के लिए किसका राजनीतिक प्रभाव मजबूत रहेगा।