सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पटना पुलिस ने अवैध हथियार और गोला-बारूद की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में चलाए जा रहे सघन वाहन जांच अभियान के दौरान एक कुख्यात हथियार तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के कब्जे से 139 कारतूस और 1.50 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार तस्कर की पहचान आलमगंज थाना क्षेत्र के महाराजगंज निवासी सुजीत कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, शनिवार देर रात पटेल नगर स्थित ऊर्जा सभागार चौक के पास यह कार्रवाई की गई। शास्त्रीनगर थाना पुलिस और सीआइएसएफ के जवान संयुक्त रूप से वाहन जांच कर रहे थे, तभी बाइक सवार सुजीत कुमार को संदिग्ध अवस्था में पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से भारी मात्रा में कारतूस और नकदी बरामद हुई।
सिटी एसपी सेंट्रल दीक्षा ने इस सफलता की जानकारी देते हुए बताया कि सुजीत कुमार आर्म्स तस्कर गिरोह में मीडिएटर और होलसेलर (थोक विक्रेता) की भूमिका निभाता था। पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि वह मीठापुर इलाके से ये कारतूस लेकर जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मीठापुर में उसे ये गोलियां किसने सौंपी थीं और वह इसकी आपूर्ति किस अपराधी या गिरोह को करने जा रहा था। इस पूरे सप्लाई चेन को खंगाला जा रहा है।
सुजीत कुमार का आपराधिक इतिहास काफी पुराना और संगीन है। उसके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वर्ष 2008 में रांची के बूटी मोड़ थाना, वर्ष 2003 में गांधी मैदान और वर्ष 2000 में पत्रकारनगर थाने में उस पर लूट, हत्या और आर्म्स एक्ट जैसे संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपी के पास से जब्त बाइक का भी सत्यापन शुरू कर दिया है। इसके अलावा, उसके मोबाइल फोन से मिले नंबरों का विस्तृत ब्योरा निकाला जा रहा है, ताकि उसके नेटवर्क में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके। सिटी एसपी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सुजीत कुमार ने कुछ लोगों के नाम बताए हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
चुनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हैं और अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए सघन अभियान चलाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि इस गिरफ्तारी से पहले भी पीरबहोर थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान दो अलग-अलग वाहनों से दस लाख रुपये की नकदी बरामद की गई थी। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध हथियारों की तस्करी पर लगाम लगाने और चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।