बुलडोजर एक्शन पर भड़के तेज प्रताप; CM नीतीश से की बेघरों को तत्काल राहत देने की मांग

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने बिहार सरकार द्वारा चलाए जा रहे अवैध कब्जा हटाओ अभियान (बुलडोजर एक्शन) पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नए गृह मंत्री पर हमला बोलते हुए चेतावनी दी है कि गरीबों के आंसुओं का हिसाब जनता जरूर लेगी।

दरअसल, बिहार के समस्तीपुर, नालंदा, सीतामढ़ी, पटना और आरा सहित करीब एक दर्जन शहरों में प्रशासन द्वारा अवैध कब्जों को हटाने के लिए लगातार बुलडोजर चलाया जा रहा है। तेज प्रताप यादव ने इस कार्रवाई को गरीब, दलित और वंचित समुदाय के लोगों को बेघर करने वाला बताया है।

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ठंड में गरीबों को उजाड़ा: CM नीतीश पर तीखा हमला
तेज प्रताप यादव ने अपनी पोस्ट में कहा कि, “नीतीश सरकार में नए गृह मंत्री अपने पद को लेकर कुछ ज्यादा ही हतोत्साहित हैं। वे यह भी भूल गए हैं कि कल तक जिस जनता-जनार्दन का गुणगान गाते थे, आज उन्हीं लोगों के घर परिवार उजाड़ रहे हैं।”

उन्होंने कड़ाके की ठंड का मुद्दा उठाते हुए सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठाया। उन्होंने लिखा, “हम सभी इस बात से भली भांति अवगत हैं कि नवंबर महीने से ही ठंड की शुरुआत हो जाती है। दिसंबर और जनवरी के महीने में तो कड़ाके की ठंड पड़ती है। इस ठंड के मौसम में किसी का घर टूटने का दर्द क्या होता है, यह हम सभी समझ सकते हैं।” तेज प्रताप ने आगे कहा कि नीतीश सरकार के नए गृह मंत्री यह नहीं समझ पा रहे हैं कि इस बुलडोजर प्रक्रिया से यहां की आम जनमानस के छोटे-छोटे बच्चे, महिलाओं और बुजुर्गों पर क्या बीत रही होगी।

बुलडोजर प्रक्रिया पर रोक और आर्थिक सहायता की मांग
अपनी नाराजगी व्यक्त करने के साथ ही, तेज प्रताप यादव ने बिहार सरकार से दो बड़ी और तत्काल मांगें रखी हैं:

बुलडोजर पर रोक: उन्होंने मांग की कि बिहार में बढ़ती ठंड, गरीबी से लाचार और बेबस लोगों के आशियानों को तोड़ने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

आर्थिक सहायता और व्यवस्था: उन्होंने यह भी मांग की कि जिनके भी घरों को अब तक तोड़ा गया है, उनकी रहने की उचित व्यवस्था सहित आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की जाए।

जनता देगी हिसाब: कड़ा संदेश
तेज प्रताप यादव ने अपने पोस्ट को एक बड़ी चेतावनी के साथ समाप्त किया। उन्होंने लिखा, “नहीं तो गरीबों के आंखों से निकले आंसू और उनकी बद्दुआ से कोई नहीं बच पाएगा। समय आने पर एक-एक आंसुओं का हिसाब हमारी जनता-जनार्दन जरूर लेने का काम करेगी।”

तेज प्रताप यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ी है, लेकिन विपक्ष इस कार्रवाई को गरीब विरोधी बताकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रशासन इस आलोचना पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

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