पटना में 13 दिसंबर 2025 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय चाहने वालों के लिए बड़ी राहत लेकर आ रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशन में सुबह 10:30 बजे से सिविल कोर्ट पटना सदर सहित पटना सिटी, दानापुर, बाढ़, मसौढ़ी और पालीगंज के अनुमंडल कोर्ट में एक साथ लोक अदालत की शुरुआत होगी। इसमें हजारों लंबित मामलों के बिना कोर्ट फीस और आपसी समझौते से एक ही दिन में निपटारे की संभावना है, जिससे आम लोगों को तेज, सरल और सहज न्याय मिल सकेगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के निपटारे की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है। यदि किसी केस में पहले से कोर्ट फीस जमा की गई है, तो वह भी आवेदक को लौटा दी जाएगी। लोक अदालत का मकसद है विवादों को तेज, सरल और आपसी सहमति से समाप्त करना, इसलिए यहां दिए गए फैसले अंतिम माने जाते हैं और इनके खिलाफ अपील का प्रावधान नहीं होता। वहीं, जिले के सभी प्रमुख अदालत परिसरों में यह विशेष आयोजन किया जा रहा है ताकि लोगों को अपने मामलों के समाधान के लिए दूर न जाना पड़े। जिन व्यक्तियों को अपना विवाद लोक अदालत में सुलझाना है, वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पटना में आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, जो मामले पहले से कोर्ट में लंबित हैं, उनके पक्षकार 12 दिसंबर तक किसी भी कार्य दिवस में संबंधित न्यायालय में जाकर अपने केस को लोक अदालत में भेजने का आग्रह कर सकते हैं। 13 दिसंबर को यदि दोनों पक्ष सहमत हो जाते हैं तो उसी दिन समझौते के आधार पर समाधान दे दिया जाएगा।
किस तरह के मामलों से निपटारा होगा:

जिलाधिकारी-सह-उपाध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने जिले के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित जानकारी को गांवों, कस्बों, बाजारों और शहरी इलाकों तक व्यापक स्तर पर पहुंचाया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि लोक अदालत लोगों को तेजी से न्याय उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है और इसके प्रति जागरूकता फैलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही, उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए अपने मुकदमों को आपसी सहमति से निपटाने के लिए आगे आएं, ताकि लंबे समय से लंबित विवादों का सरल और शांतिपूर्ण समाधान संभव हो सके।