सिटी पोस्ट लाइव
आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने टिकट वितरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने फैसला किया है कि इस बार सिर्फ नए दावेदार ही नहीं, बल्कि मौजूदा विधायकों को भी टिकट पाने के लिए इंटरव्यू और स्क्रीनिंग टेस्ट से गुजरना होगा। यह कदम टिकट वितरण में पारदर्शिता लाने और जीतने की क्षमता वाले उम्मीदवारों को चुनने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पटना स्थित कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में यह स्क्रीनिंग प्रक्रिया कल से ही चल रही है। टिकट के दावेदारों की भारी भीड़ वहां जुटी हुई है। आज कई विधायकों के भी स्क्रीनिंग कमेटी के सामने उपस्थित होने और इंटरव्यू देने की संभावना है।
स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन खुद लगातार उम्मीदवारों का इंटरव्यू ले रहे हैं और उनकी योग्यता का आकलन कर रहे हैं। पार्टी ने यह साफ कर दिया है कि जो भी उम्मीदवार, चाहे वह मौजूदा विधायक ही क्यों न हो, स्क्रीनिंग कमेटी के सामने उपस्थित नहीं होगा, उसके नाम पर विचार नहीं किया जाएगा। यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होगा।
कांग्रेस का मानना है कि इस प्रक्रिया से पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत और लोकप्रिय उम्मीदवारों का चयन करने में मदद मिलेगी। इस फैसले से टिकट के दावेदारों के बीच बेचैनी भी बढ़ गई है, क्योंकि अब सिर्फ वरिष्ठता या प्रभाव के आधार पर टिकट मिलना मुश्किल होगा। पार्टी के इस कदम से यह भी साफ है कि वह बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर काफी गंभीर है और किसी भी तरह की ढिलाई बरतने को तैयार नहीं है।