रूसी राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा: व्यापार और रक्षा सहयोग पर होगी चर्चा

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा पर आज दिल्ली पहुंचेंगे। इस यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग, व्यापार, और यूक्रेन संकट पर महत्वपूर्ण बातचीत होगी। पुतिन का यह दौरा विशेष महत्व रखता है, खासकर ऐसे समय में जब भारतअमेरिका संबंधों में तनाव बढ़ गया है और अमेरिका ने भारत से आयातित सामानों पर भारी टैरिफ लगा दिए हैं। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों की उम्मीद जताई जा रही है।

पुतिन की यात्रा का मुख्य एजेंडा:

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पुतिन शुक्रवार को भारतरूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भाग लेंगे, जहां रक्षा संबंधों को बढ़ाने और भारतरूस व्यापार को बाहरी दबावों से बचाने पर बातचीत होगी। इसके अलावा, दोनों नेता छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी पुतिन के लिए एक निजी रात्रिभोज का आयोजन करेंगे, जिसमें दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंधों को और मजबूत किया जाएगा। पुतिन राजघाट पर भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे और इसके बाद इंडियारूस बिजनेस फोरम में भी भाग लेंगे। इस फोरम में रूसभारत व्यापार को बढ़ावा देने के तरीके पर चर्चा होगी।

यूक्रेन युद्ध और कच्चे तेल पर विशेष चर्चा:

रूसी राष्ट्रपति का यह दौरा खासतौर पर यूक्रेन संकट पर अमेरिकी प्रयासों और भारत की कूटनीति को ध्यान में रखते हुए अहम है। पुतिन पीएम मोदी को यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका की नई पहल के बारे में जानकारी देंगे। इसके साथ ही, भारत की तरफ से रूस से कच्चे तेल की खरीदारी को बढ़ाने के लिए जरूरी कदमों पर भी चर्चा की जाएगी।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने यह स्पष्ट किया है कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद, रूस भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति जारी रखने के लिए कदम उठा रहा है।

भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी:

भारत और रूस के रिश्ते बेहद पुराने और मजबूत रहे हैं। दोनों देशों के बीच हर साल वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित होता है, जिसमें सभी क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की जाती है। पिछली बार पुतिन 2021 में भारत आए थे, जबकि पीएम मोदी ने पिछले साल मॉस्को में शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। इस यात्रा के दौरान पुतिन का एजेंडा दोनों देशों के सामरिक, व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने का है।

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