बिहार राज्य महिला आयोग ने लंबित मामलों के निपटारे के लिए बड़ा कदम उठाया है। ‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान के तहत आयोग फर्स्ट फेज में भोजपुर, भागलपुर, नालंदा, समस्तीपुर और गया में विशेष कैंप लगाएगी, जहां सबसे अधिक मामले लंबित हैं। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की शिकायतों का शीघ्र निपटारा करना और उनके हक की सुनवाई सुनिश्चित करना है।
दरअसल, बिहार में चुनावी आचार संहिता के चलते महिला आयोग पहले बाहर जाकर निरीक्षण या कैंप नहीं लगा पा रही थी। लेकिन नई सरकार के गठन के बाद आयोग फिर से सक्रिय हो गई है। साथ ही राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने बताया कि आयोग के पुनर्गठन के बाद करीब 6,000 मामले लंबित थे, जिनमें से लगभग 4,000 का निपटारा कर लिया गया है। अब लगभग 2,000 मामले लंबित हैं। चुनाव समाप्त होने के बाद आयोग ने फिर से ‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान के तहत कैंप लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी बीच 18 और 19 दिसंबर को नालंदा में दो दिवसीय विशेष कैंप आयोजित किया जाएगा।
हालांकि, महिला आयोग के फर्स्ट फेज के पांच जिलों में कुल 1,407 मामले लंबित हैं, जिनमें सबसे अधिक मामले भागलपुर (527) में हैं। भोजपुर में 161, नालंदा में 97, समस्तीपुर में 338 और गया में 284 मामले लंबित हैं। वहीं, इससे पहले महिला आयोग ने पटना, मधुबनी, सीतामढ़ी, बेगूसराय, रोहतास और दरभंगा में कैंप आयोजित कर लंबित मामलों का निष्पादन किया था। आगामी कैंप के जरिए आयोग का लक्ष्य महिलाओं की शिकायतों का शीघ्र निपटारा करना और उनकी शिकायतों को सीधे सुनवाई के जरिए हल करना है।