पटना नगर निगम ने शहर की सड़कों का नया वर्गीकरण करते हुए 19 प्रमुख सड़कों को प्रधान मुख्य सड़क में अपग्रेड कर दिया है। इस बदलाव के बाद अब इन क्षेत्रों में किराये की दरों में वृद्धि होने की संभावना है, जिससे घर और दुकान किराये पर लेने वालों को महंगाई का सामना करना पड़ेगा। नया वर्गीकरण टैक्स संरचना को भी प्रभावित करेगा, जिससे रियल एस्टेट के बाजार पर असर पड़ेगा।
पटना नगर निगम द्वारा शहर की सड़कों के पुनर्वर्गीकरण के बाद, अब भूमि और संपत्ति की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। इस बदलाव के चलते जमीन का मार्केट रेट बढ़ेगा और भूमि की खरीद-बिक्री महंगी हो जाएगी। साथ ही, आवासीय और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के होल्डिंग टैक्स में भी वृद्धि होगी। वहीं, नगर निगम ने हाल ही में 112 सड़कों की सूची तैयार की है, जिसमें से 43 सड़कों को ‘प्रधान मुख्य सड़क’ के तहत रखा गया है, जबकि 69 सड़कों को मुख्य सड़क की श्रेणी में रखा गया है। इस निर्णय के तहत अब होल्डिंग टैक्स का निर्धारण इन सड़कों के वर्गीकरण के आधार पर किया जाएगा। नगर विकास एवं आवास विभाग से मंजूरी के बाद यह निर्णय लागू हुआ है, जो पहले की व्यवस्था से अलग है। इसके साथ ही कंकड़बाग, किदवईपुरी, कांग्रेस मैदान, बुद्ध मार्ग, आशियाना-दीघा रोड, अशोक राजपथ जैसे प्रमुख इलाकों को अब प्रधान मुख्य सड़क की श्रेणी में रखा गया है, जबकि बाकरगंज दलदली रोड, चांदमारी रोड, गांधी पथ, बैंक रोड जैसी सड़कों को मुख्य सड़क में रखा गया है। इस बदलाव का सीधा असर संपत्ति के बाजार और टैक्स निर्धारण प्रक्रिया पर पड़ेगा।
हालांकि, नई सड़क वर्गीकरण प्रणाली के तहत पटना नगर निगम अब हर पांच साल में सड़कों के वर्गीकरण की समीक्षा करेगा और आवश्यकता पड़ने पर इसमें संशोधन करेगा। यह कदम बिहार नगरपालिका संपत्ति कर निर्धारण, संग्रहण और वसूली नियमावली, 2013 के नियम तीन के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य शहर की संपत्ति कर प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और सम्यक बनाना है। नए वर्गीकरण के चलते शहर के विभिन्न क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स और भूमि मूल्य में बदलाव आएगा, जिससे संपत्ति बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।