“बिहार में न्याय सिर्फ कानून नहीं, नैतिक जिम्मेदारी है”- पटना में बोले CJI सूर्यकांत…

Ritu Raj

भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने शनिवार को पटना उच्च न्यायालय परिसर में मल्टी बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस मौके पर उन्होंने मजबूत न्यायिक ढांचे की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर ही बढ़ती जनसंख्या, लंबित मामलों और जटिल विवादों की चुनौतियों से निपटने में सहायक होगा।

सीजेआई ने कहा कि न्याय मशीनों से नहीं, बल्कि इंसानों द्वारा किया जाता है। बिहार की न्याय परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां न्याय को केवल कानून की पुस्तकों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ा गया है। दरअसल, मुख्य न्यायाधीश दो दिवसीय बिहार दौरे पर हैं। दौरे के दूसरे दिन उन्होंने पटना हाईकोर्ट में करीब 302.56 करोड़ रुपये की लागत वाली कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। पटना हाईकोर्ट पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। हालांकि, इन परियोजनाओं में एडीआर भवन, सभागार, प्रशासनिक ब्लॉक, आवासीय परिसर, महिला अधिवक्ता कार्यालय का विस्तार भवन और अस्पताल भवन शामिल हैं।

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एडीआर और सभागार भवन 8,055 वर्गमीटर क्षेत्र में बनेंगे, जिनमें आधुनिक सुविधाओं के साथ पार्किंग की भी व्यवस्था होगी। इसके अलावा 508 वाहनों की क्षमता वाले मल्टी स्टोरी कार पार्किंग भवन का भी शिलान्यास किया गया। इसी दिन सीजेआई पुनपुन प्रखंड के पोठी में प्रस्तावित बिहार न्यायिक अकादमी के नए कैंपस का भूमि पूजन और शिलान्यास करेंगे, जहां न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

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