सिटी पोस्ट लाइव
लालू परिवार की ‘सोशल मीडिया वॉरियर’ कही जाने वाली रोहिणी आचार्य एक बार फिर अपने तेवरों को लेकर सुर्खियों में हैं। राजनीति और परिवार से दूरी बनाने के एलान के बाद रोहिणी के एक नए अवतार ने बिहार के सियासी गलियारों में कयासों का बाजार गर्म कर दिया है। इस बार चर्चा उनकी किसी टिप्पणी की नहीं, बल्कि हाथ में राइफल थामे और निशाना साधते हुए एक तस्वीर की हो रही है।
कैप्शन ने बढ़ाई धड़कनें: “नजर दुरुस्त है और निशाना भी”
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी एक फोटो साझा की है, जिसमें वे पेशेवर अंदाज में बंदूक से निशाना लगाती नजर आ रही हैं। तस्वीर से ज्यादा इसके कैप्शन ने लोगों का ध्यान खींचा है। रोहिणी ने लिखा— “सही-गलत पहचानने की नजर भी दुरुस्त है और निशाना भी।” राजनीतिक विश्लेषक इस एक लाइन के गहरे मायने निकाल रहे हैं। इसे लालू परिवार के भीतर मचे घमासान और विशेषकर तेजस्वी यादव व उनके करीबियों के साथ रोहिणी के तनावपूर्ण संबंधों से जोड़कर देखा जा रहा है।
क्या तेजस्वी और संजय यादव हैं निशाने पर?
गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद रोहिणी ने सक्रिय राजनीति छोड़ने का चौंकाने वाला फैसला लिया था। उस वक्त उन्होंने भरे मन से आरोप लगाया था कि उन्हें परिवार और पार्टी (RJD) से दरकिनार करने की साजिश रची गई। उन्होंने सीधे तौर पर अपने भाई तेजस्वी यादव और उनके रणनीतिकार संजय यादव पर अपमानित करने के आरोप लगाए थे। अब ‘सटीक निशाने’ वाली यह पोस्ट संकेत दे रही है कि रोहिणी शांत भले हों, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
रोहिणी की इस पोस्ट पर समर्थकों और विरोधियों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। समर्थकों का कहना है कि यह उनके स्वाभिमान और जुझारू व्यक्तित्व का प्रतीक है, वहीं विरोधियों का मानना है कि यह परिवार में चल रही (Cold War) का एक नया अध्याय है। कुछ यूजर्स कमेंट कर रहे हैं कि “रोहिणी का निशाना कहीं तेजस्वी की कुर्सी या पार्टी में उनकी पकड़ पर तो नहीं?”
एक संन्यास… और कई सवाल
भले ही रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर लौटने या राजनीति से हटने की बात कही हो, लेकिन उनकी डिजिटल सक्रियता बताती है कि बिहार की पल-पल की खबरों पर उनकी पैनी नजर है। यह तस्वीर ऐसे समय में आई है जब तेज प्रताप यादव भी परिवार से अलग अपना शक्ति प्रदर्शन (चूड़ा-दही भोज) कर रहे हैं। ऐसे में रोहिणी का यह ‘शूटिंग अवतार’ केवल एक शौक है या किसी बड़े सियासी धमाके की आहट, यह तो वक्त ही बताएगा।