सिटी पोस्ट लाइव
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ अब तक का सबसे आक्रामक रुख अख्तियार किया है। कोलकाता में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि कोयला घोटाले के तार दिल्ली के बड़े भाजपा नेताओं से जुड़े हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी दी है कि यदि केंद्रीय एजेंसियों के जरिए उनकी पार्टी को परेशान करना बंद नहीं किया गया, तो वे सारे सबूत सार्वजनिक कर देंगी।
‘पेन ड्राइव’ से मचेगा हड़कंप
ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनके पास एक ऐसी विस्फोटक पेन ड्राइव मौजूद है, जिसमें कोयला घोटाले से जुड़े कई रसूखदार चेहरों के नाम और पुख्ता सबूत शामिल हैं। उन्होंने दहाड़ते हुए कहा, “मेरे पास वो पेन ड्राइव है जिसे सार्वजनिक करने पर पूरे देश में हलचल मच जाएगी। दिल्ली में बैठे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं तक कोयले की तस्करी का पैसा पहुंचा है। अगर मुझे और मेरी सरकार को और अधिक प्रताड़ित किया गया, तो मैं इसे जनता के सामने रख दूंगी।”
एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
मुख्यमंत्री ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया कार्रवाई को राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग TMC की चुनावी रणनीति को चुराने और गोपनीय दस्तावेजों को जब्त करने के लिए किया जा रहा है। ममता ने सवाल उठाया कि जब राज्य की सीमाओं और कोयला खदानों वाले क्षेत्रों में BSF और CISF जैसी केंद्रीय एजेंसियां तैनात हैं, तो कोयले की तस्करी कैसे संभव हुई? उन्होंने इसे केंद्र की विफलता और मिलीभगत का परिणाम बताया।
I-PAC दफ्तर पर छापेमारी और ममता का हस्तक्षेप
विवाद की मुख्य जड़ 8 जनवरी को I-PAC (TMC की चुनावी सलाहकार संस्था) के दफ्तर पर हुई ED की छापेमारी है। ED का आरोप है कि कोयला घोटाले से जुड़ा अवैध धन I-PAC के माध्यम से इधर-उधर किया गया है। छापेमारी के दौरान खुद ममता बनर्जी मौके पर पहुंची थीं और उन्होंने अधिकारियों के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। मुख्यमंत्री वहां से कुछ महत्वपूर्ण फाइलें और पेन ड्राइव अपने साथ ले गईं, जिसे उन्होंने पार्टी की चुनावी रणनीति से जुड़ा ‘अति-संवेदनशील’ दस्तावेज बताया है।
सड़क पर उतरेगी TMC
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के संघर्षों का स्मरण करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि अब चुप बैठने का समय खत्म हो चुका है। उन्होंने एलान किया कि केंद्र के ‘अन्याय और अपमान’ के खिलाफ अब सड़क ही एकमात्र रास्ता है। इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में एक बार फिर केंद्र बनाम राज्य का बड़ा टकराव होने की संभावना बढ़ गई है।