सिटी पोस्ट लाइव
देश की राजधानी के अति-सुरक्षित इलाके लुटियंस जोन में बुधवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के सरकारी आवास पर आग लग गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और दमकल विभाग की सक्रियता से एक बड़ा हादसा टल गया।
मदर टेरेसा क्रिसेंट रोड पर मची खलबली
जानकारी के अनुसार, यह घटना बुधवार सुबह करीब 8:05 बजे की है। रविशंकर प्रसाद का आवास 21, मदर टेरेसा क्रिसेंट रोड पर स्थित है। सुबह के शांत माहौल में अचानक कोठी के भीतर से धुआं और लपटें उठती देख सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी सक्रिय हो गए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
बेड से शुरू हुई आग की लपटें
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आग घर के एक विशिष्ट कमरे में रखे बेड से शुरू हुई थी। आग लगते ही कमरे में धुआं भर गया, लेकिन खुशकिस्मती यह रही कि उस समय कमरे के अंदर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। दमकल कर्मियों ने पेशेवर मुस्तैदी दिखाते हुए कुछ ही समय में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, जिससे आग घर के अन्य हिस्सों या दस्तावेजों तक नहीं फैल पाई।
सूचना में भ्रम और त्वरित कार्रवाई
दमकल विभाग के सूत्रों ने बताया कि शुरुआत में उन्हें कोठी नंबर 2 में आग लगने की सूचना मिली थी, लेकिन जब टीमें मौके पर पहुंचीं, तो पता चला कि आग कोठी नंबर 21 (रविशंकर प्रसाद का निवास) में लगी है। दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई ने सुनिश्चित किया कि नुकसान कम से कम हो।
जांच में जुटा प्रशासन
फिलहाल, दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें आग लगने के सटीक कारणों की जांच कर रही हैं। यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी कारण था। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे आवास की वायरिंग और बिजली उपकरणों की जांच की जा रही है। लुटियंस जोन जैसे वीवीआईपी इलाके में इस तरह की घटना ने सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है।