पूर्णिया गैंगरेप कांड: उप-मुखिया का पति निकला दरिंदगी का मुख्य चेहरा, सांसद के साथ फोटो वायरल होने पर मचा सियासी घमासान

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के पूर्णिया जिले में एक युवती के साथ हुए रूह कंपा देने वाले सामूहिक दुष्कर्म मामले ने अब पूरे प्रदेश में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। पुलिस की तफ्तीश में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि घटना का मुख्य साजिशकर्ता और दरिंदा कोई और नहीं, बल्कि स्थानीय उप-मुखिया का पति मोहम्मद जुनैद है। इस खुलासे के बाद और आरोपी की सांसद पप्पू यादव के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, प्रशासन की निष्पक्षता और सियासी संरक्षण को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

दरिंदगी की इंतहा: सरेराह अगवा कर रात भर किया टॉर्चर
घटना चार दिन पहले की है, जब अपराधियों ने एक युवती को रास्ते से जबरन अगवा कर लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी उसे एक मोटर गैराज में ले गए, जहाँ पूरी रात उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। हैवानियत यहीं नहीं रुकी; पीड़िता को जबरन शराब पिलाई गई और उसे अमानवीय शारीरिक व मानसिक यातनाएं दी गईं। इस वीभत्स घटना ने एक बार फिर बिहार में महिला सुरक्षा के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

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रसूखदार आरोपी और वायरल फोटो का विवाद
मुख्य आरोपी मोहम्मद जुनैद का इलाके में काफी प्रभाव बताया जाता है। उसकी पत्नी वर्तमान में उप-मुखिया के पद पर आसीन है। गिरफ्तारी के बाद जुनैद की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रही है, जिसमें वह पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के साथ एक ही माला पहने हुए मुस्कुराता नजर आ रहा है।

हालांकि, इस तस्वीर की सत्यता और समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने विपक्षी दलों और आम जनता को सरकार व जनप्रतिनिधियों को घेरने का मौका दे दिया है। लोग सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं कि क्या ऐसे अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है?

सांसद के पुराने बयान पर पलटवार
दिलचस्प बात यह है कि इस घटना के अगले ही दिन सांसद पप्पू यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे और पुलिस प्रशासन को निकम्मा बताया था। अब आरोपी के साथ उनकी कथित नजदीकी सामने आने के बाद जनता उनके दोहरे मापदंडों पर सवाल उठा रही है। आलोचकों का कहना है कि ऊंचे रसूख के कारण ही अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

पुलिस की कार्रवाई और जनता का आक्रोश
जनता के भारी दबाव और बढ़ते आक्रोश के बीच पूर्णिया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी जुनैद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अन्य फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए एक विशेष छापेमारी दल (SIT) का गठन किया गया है। वहीं, स्थानीय सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और दोषियों को फांसी की सजा देने की पुरजोर मांग करते हुए यह स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान सामने आने वाले किसी भी रसूखदार या ‘बड़े चेहरे’ को कतई बख्शा न जाए।

फिलहाल, पूर्णिया में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। प्रशासन का दावा है कि जांच निष्पक्ष होगी और राजनीतिक रसूख का असर केस पर नहीं पड़ने दिया जाएगा।

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