देश में जब भी कोई बड़ा राजनीतिक या सामाजिक बदलाव होता है, बिहार के भोजपुरी गायक और गीतकार उसे सुरों में पिरोने में देर नहीं करते। ताजा मामला विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों— ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टिट्यूशन रेगुलेशन, 2026’ का है। जहाँ एक तरफ इस बिल पर बौद्धिक बहस छिड़ी है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर एक भोजपुरी गाना जमकर वायरल हो रहा है, जिसने इस विवाद को गलियों और चौराहों तक पहुँचा दिया है।
वायरल हो रहे इस गाने में सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया गया है। गाने के जरिए सवर्ण समाज (राजपूत, ब्राह्मण, भूमिहार) की नाराजगी जाहिर की जा रही है। गाने के बोल कुछ इस तरह हैं- “हमनी के बल पर तू भइलअ पीएम हो… हमनिए से अब तू त कई देलअ गेम हो… यूजीसी कानून नाही हटी त मोदी के सत्ता से हटावे के पड़ी…” गीतकार का तर्क है कि जिस समाज ने प्रधानमंत्री को सत्ता तक पहुँचाने में बड़ी भूमिका निभाई, आज उन्हीं के साथ ‘गेम’ (छल) किया गया है। गाने में अपील की जा रही है कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो सवर्ण समाज को अपनी आवाज बुलंद करनी होगी।
UGC का नया नियम (Equity Rule) क्या है?
दरअसल, केंद्र सरकार और UGC ने उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं।
– SC, ST और OBC छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव की निगरानी।
– हर संस्थान में 24×7 हेल्पलाइन और Equal Opportunity Centre की स्थापना।
– कैंपस में Equity Squads और Equity Committee का गठन।
– नियम न मानने वाले संस्थानों की मान्यता रद्द करने और फंड रोकने का प्रावधान।
विवाद की जड़: क्यों नाराज है सवर्ण समाज?
जहाँ सरकार इसे ‘समानता’ की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं बिहार और देश के अन्य हिस्सों में सवर्ण छात्र संगठन इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं। विरोधियों का तर्क है कि इन नियमों की आड़ में उच्च जातियों के छात्रों को निशाना बनाया जा सकता है और उन्हें ‘अपराधी’ की तरह पेश किया जा रहा है। इसी आक्रोश को अब भोजपुरी गायकों ने हवा दे दी है।