यदि आप कला प्रेमी हैं और बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। पटना जिला प्रशासन और कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘वसंतोत्सव कला कार्यशाला’ का आयोजन होने जा रहा है। बता दें कि 3 फरवरी के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए समय रहते अपना स्थान सुरक्षित करें।

कार्यशाला का शेड्यूल और स्थान;
स्थान: बिहार ललित कला अकादमी, पटना।
उद्देश्य: विलुप्त होती पारंपरिक लोक कलाओं (सिक्कि और टिकुली) को नई पीढ़ी तक पहुँचाना और उन्हें रोजगार से जोड़ना।
नोट: यह चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर 5 फरवरी से 8 फरवरी 2026 तक चलेगा।

कौन ले सकता है भाग? (पात्रता)
– आयु: 11 वर्ष से 29 वर्ष के बीच।
– प्रतिभागी: स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएं और अन्य इच्छुक युवा।
– विशेषता: एक्सपर्ट कलाकारों से सीधे सीखने का अवसर।

आवेदन कैसे करें?
1) QR कोड/फॉर्म: विभाग द्वारा जारी QR कोड को स्कैन कर फॉर्म भरें।
2) जमा करने का तरीका: भरा हुआ आवेदन फॉर्म ईमेल ([email protected]) के जरिए भेज सकते हैं या सीधे कार्यालय में जमा कर सकते हैं।
3) कार्यालय का पता: जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय, तृतीय तल, जिला विकास भवन, समाहरणालय (गांधी मैदान के पास), पटना।
4) डेडलाइन: आवेदन की अंतिम तिथि 3 फरवरी 2026 (दोपहर 3:00 बजे तक) है।

रोजगार और स्वरोजगार के खुलेंगे रास्ते;
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी के अनुसार, इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल कला सिखाना नहीं, बल्कि युवाओं को स्वावलंबी बनाना भी है। टिकुली और सिक्की कला की मांग आज ग्लोबल मार्केट में बढ़ रही है, ऐसे में यह हुनर युवाओं के लिए स्वरोजगार का एक बेहतरीन जरिया बन सकता है।