सिटी पोस्ट लाइव
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की किस्मत का फैसला आज पटना की MP-MLA कोर्ट में होने जा रहा है। 31 साल पुराने एक विवादित मामले में गिरफ्तार पप्पू यादव को पुलिस आज दोपहर कड़ी सुरक्षा के बीच बेऊर जेल से लेकर पटना सिविल कोर्ट पहुंची है। दोपहर 2:00 बजे उनकी जमानत याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है।
क्या है पूरा मामला?
पप्पू यादव की यह गिरफ्तारी करीब तीन दशक पुराने एक जमीन विवाद और धोखाधड़ी के मामले में हुई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने गलत तरीके से एक कमरा किराए पर लिया और बाद में उस पर अवैध कब्जा कर लिया। इस मामले में पहले उन्हें बेल मिली थी, लेकिन बेल की शर्तों का उल्लंघन होने (बेल टूटने) के कारण अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसी आदेश के अनुपालन में पुलिस ने उन्हें 6 फरवरी की रात को हिरासत में लिया था।
जेल से अस्पताल और फिर कोर्ट तक का सफर
सांसद को 6 फरवरी की रात गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद काफी सियासी हंगामा हुआ। गिरफ्तारी के दौरान ही पप्पू यादव की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके कारण उन्हें दो दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। स्वास्थ्य जांच पूरी होने के बाद उन्हें पटना की बेऊर जेल भेज दिया गया। गौरतलब है कि सोमवार को ही उनकी जमानत अर्जी दाखिल होनी थी, लेकिन पटना कोर्ट में बम की धमकी मिलने के कारण अदालती कार्यवाही बाधित रही, जिससे उनकी सुनवाई एक दिन टल गई।
साजिश का आरोप और राजनीतिक घमासान
पप्पू यादव के सोशल मीडिया हैंडल और उनके समर्थकों ने इस गिरफ्तारी को ‘राजनीतिक साजिश’ करार दिया है। सांसद का दावा है कि उन्होंने NEET छात्रा दुष्कर्म कांड समेत भ्रष्टाचार के कई मुद्दों पर नीतीश सरकार को घेरा था, जिसके प्रतिशोध में उन्हें पुराने मामले में फंसाया जा रहा है।
इस गिरफ्तारी के विरोध में बिहार के कई जिलों में प्रदर्शन जारी हैं। किशनगंज में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प की खबरें भी सामने आई हैं। समर्थकों का कहना है कि सरकार जनहित की आवाज उठाने वाले नेता को जेल के पीछे रखकर दबाना चाहती है।