अब स्कूलों में पढ़ाई का तरीका केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगा। नए सिलेबस का मुख्य उद्देश्य छात्रों में व्यावहारिक ज्ञान (Practical Knowledge) विकसित करना और कक्षा को अधिक इंटरएक्टिव बनाना है। स्कूलों ने अभिभावकों से भी आग्रह किया है कि वे केवल नई एनसीईआरटी पुस्तकें ही खरीदें ताकि बच्चे अपडेटेड कंटेंट से जुड़ सकें।

प्रमुख बदलाव: एक नजर में
कक्षा 9वीं अंग्रेजी: ‘कावेरी’ का आगमन
– अंग्रेजी के पाठ्यक्रम में सबसे क्रांतिकारी बदलाव हुआ है। पहले दो किताबों के बोझ और 29 चैप्टर्स की जगह अब केवल एक नई किताब ‘कावेरी’ पढ़ाई जाएगी, जिसमें मात्र 16 चैप्टर्स होंगे।
विज्ञान और इतिहास में क्या घटा, क्या बढ़ा?
– सिलेबस को बोझिल होने से बचाने के लिए कई पुराने अध्यायों को हटाया गया है और प्रासंगिक विषयों को जोड़ा गया है:
| विषय | हटाए गए अध्याय | नए/संशोधित अध्याय |
| विज्ञान/भौतिकी | मैटर इन आवर सराउंडिंग, ग्रेविटेशन | – |
| जीव विज्ञान | इंप्रूवमेंट इन फूड रिसोर्सेज | रिप्रोडक्शन, डायवर्सिटी |
| इतिहास | लंबे और पारंपरिक पाठ | पाठों को संक्षिप्त और सरल बनाया गया |
भारतीयता और प्रेरणा पर विशेष ध्यान;
नई पाठ्यपुस्तकों में भारतीय ज्ञान परंपरा और स्थानीय लेखकों को प्राथमिकता दी गई है।
– प्रमुख साहित्यकार: रवींद्रनाथ टैगोर, सुधा मूर्ति, सुब्रमण्यम भारती, तेमसुला एओ और मित्रा फुकन जैसे दिग्गजों की रचनाओं को शामिल किया गया है।
– विशेष अध्याय: “द वर्ल्ड ऑफ लिमिटलेस पॉसिबल” शीर्षक के तहत पैरालंपिक खिलाड़ी दीपा मलिक की कहानी को जोड़ा गया है, ताकि छात्रों को जीवन में संघर्ष और सफलता की प्रेरणा मिल सके।