पटना में कारोबारी दिलीप सिंह पर हुई फायरिंग की घटना ने पुलिस जांच को तेज कर दिया है, और अब इस मामले में कई अहम खुलासे सामने आ रहे हैं। 1 अप्रैल 2026 की देर रात शिवपुरी इलाके में सीपी ठाकुर रोड नंबर-2 स्थित एक अपार्टमेंट में दिलीप सिंह को उस समय गोली मार दी गई, जब वे सीढ़ियां चढ़कर अपने फ्लैट की ओर जा रहे थे। अचानक हुए इस हमले से इलाके में हड़कंप मच गया। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत रुबान अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के अनुसार अब उनकी हालत स्थिर और सामान्य है।

जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से अहम सुराग मिले हैं। फुटेज में देखा गया कि वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर लिंक रोड के रास्ते मैनपुरा इलाके की ओर भागे। वहां उन्होंने अपनी बाइक छोड़ दी और आगे ऑटो का सहारा लेकर फरार हो गए। खास बात यह रही कि पुलिस से बचने के लिए बदमाशों ने कई जगह रॉन्ग साइड रास्तों का इस्तेमाल किया, ताकि उनकी पहचान और मूवमेंट ट्रैक करना मुश्किल हो जाए। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले में शामिल आरोपियों और शूटरों की पहचान लगभग कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पटना सिटी, फुलवारी शरीफ और बोरिंग रोड समेत कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी चल रही है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है, जिससे मामले की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल रही है।

जांच में एक पुरानी व्यावसायिक रंजिश का एंगल भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2015 में दिलीप सिंह ने बोरिंग रोड के एक व्यक्ति के साथ मिलकर ठेकेदारी का काम शुरू किया था। इस दौरान दोनों ने मिलकर 8 हाइवा (बड़े ट्रक) खरीदे थे। लेकिन 2018 तक आते-आते किस्तों के भुगतान और पैसों के हिसाब-किताब को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। यह विवाद करीब 5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। पुलिस को आशंका है कि इसी पुरानी दुश्मनी के चलते इस हमले की साजिश रची गई हो सकती है। इसके अलावा, एक नया और दिलचस्प पहलू भी सामने आया है। दिलीप सिंह ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद उनका एक मोबाइल फोन गायब हो गया। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं उस मोबाइल में ऐसे कोई सबूत या जानकारी तो नहीं थी, जो इस हमले से जुड़ी हो। यह मोबाइल इस केस में एक अहम कड़ी साबित हो सकता है। फिलहाल पुलिस कई दिशाओं में जांच कर रही है और दावा कर रही है कि जल्द ही इस पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।