बिहार की राजनीति में तेजस्वी का ‘मास्टर प्लान’: मुसलमानों, दलितों और वैश्यों को साधने के लिए बनाई खास रणनीति…

Ritu Raj

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपनी भविष्य की रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव का बहुप्रतीक्षित बिहार दौरा अब राज्य में अगली सरकार के गठन के बाद ही होगा। वर्तमान में तेजस्वी केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में अपने सहयोगी दलों के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। बिहार चुनाव परिणामों के बाद यह पहला मौका है जब वे राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

संगठन में होगा बड़ा फेरबदल;
हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में संगठन को लेकर कड़े फैसले लिए गए। नई प्रदेश कमेटी के गठन में युवाओं और नए चेहरों को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं, प्रदर्शन के आधार पर कई पुराने चेहरों को कमेटी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। हालांकि, तेजस्वी अब जिलों से मिलने वाले जमीनी फीडबैक के आधार पर ही अपनी आगे की योजना तय करेंगे।

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सामाजिक समीकरण साधने की तैयारी;

तिथिकार्यक्रमउद्देश्य
11 अप्रैलअल्पसंख्यक सम्मान समारोहमुसलमानों के बीच ‘राजद ही एकमात्र विकल्प’ का संदेश देना।
14 अप्रैलआंबेडकर जयंतीप्रदेश भर में आयोजन कर दलितों को पार्टी से जोड़ना।
29 अप्रैलदानवीर भामाशाह जयंतीवैश्य समुदाय के बीच अपनी पैठ मजबूत करना।
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