कोर्ट के आदेश पर होती है ‘कुर्की’! समझिए कैसे आपकी संपत्ति हो सकती है जब्त…

Ritu Raj

भारत में कुर्की (Warrant of Attachment) वो शब्द है, जो अक्सर बैंकों की रिकवरी, सरकारी संपत्ति को नुकसान, या क्रिमिनल केस में गूंजता है। पुलिस माइक लगाकर चिल्लाती है कि संपत्ति कुर्क की जा रही है! और आपके घर, जमीन, बैंक अकाउंट पर ताला लग जाता है। CrPC की धारा 83 के तहत कोर्ट का यह आदेश आरोपी को सबक सिखाने का हथियार है, जब वह भागता है या कोर्ट की नजरअंदाज करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुर्की कैसे शुरू होती है, पुलिस क्या-क्या जब्त कर सकती है, और आप इसे कैसे रोक सकते हैं? आइए, इस पूरी प्रकिया को समझते हैं।

दरअसल, कुर्की एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसके तहत किसी व्यक्ति की संपत्ति को जब्त किया जाता है। यह आमतौर पर तब होती है जब कोई व्यक्ति आपराधिक मामले में आरोपी हो, गवाह बनने से बच रहा हो, या कोर्ट की अवमानना कर रहा हो। वहीं, आसान भाषा में इसका मतलब है- आरोपी की चल-अचल संपत्ति को कानूनी रूप से जब्त करना, ताकि वह कोर्ट के सामने पेश हो या कानूनी दायित्व पूरा करे। यह CrPC (दंड प्रक्रिया संहिता) की धारा 82, 83, 84 और 85 के तहत होती है।

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कुर्की में क्या कर सकती है पुलिस ?
कुर्की मुख्यतः दो तरह की होती है — सिविल (नागरिक) मामलों में और क्रिमिनल (आपराधिक) मामलों में।
– सिविल मामलों में कुर्की:
सिविल मामलों में अदालत किसी व्यक्ति की संपत्ति पर कुर्की का आदेश तब देती है जब वह किसी वित्तीय या संपत्ति विवाद में कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं करता। इस दौरान पुलिस की भूमिका सीमित होती है। वहीं, पुलिस सिर्फ कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए संपत्ति को जब्त करती है, उसे सील करती है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करती है। अगर कोई व्यक्ति कुर्की का विरोध करता है या पुलिस को रोकने की कोशिश करता है, तो पुलिस उसे नियंत्रित कर सकती है, लेकिन वह किसी तरह की मनमानी नहीं कर सकती।
– क्रिमिनल मामलों में कुर्की:
आपराधिक मामलों में कुर्की की प्रक्रिया ज्यादा सख्त होती है। अगर कोई आरोपी कोर्ट के आदेश से बच रहा हो, या किसी सरकारी/गैर-सरकारी पैसे, संपत्ति या सामान के नुकसान का जिम्मेदार पाया गया हो, तो उसकी संपत्ति कुर्क की जा सकती है। पुलिस को ऐसे मामलों में तलाशी, जब्ती और संपत्ति की सुरक्षा का अधिकार होता है। कई बार अपराध से जुड़ी संपत्ति (जैसे अवैध कमाई, हथियार या वाहन) को भी इसी प्रक्रिया में जब्त किया जाता है।

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